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स्कूल में बच्चे 178, किताबें मिली केवल 10 को

Thu, 21 Jul 2016 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सरपंच पहुंचे मिड डे मिल की जांच करने
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आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में सरपंच चंद्रमोहन कटारिया व पूर्व सरपंच प्रेमपाल कवात्रा ने बच्चों के लिए बनाए जा रहे मिड-डे मील व स्टॉक रजिस्टर को चैक किया व अध्यापकों की समस्याएं सुनी।
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स्कूल अध्यापकों ने कहा कि आदर्श संस्कृति स्कूल में सभी कक्षाओं में क्षमता से अधिक छात्र हैं और भोजन में तो कोई कमी नहीं है। स्कूल में इतनी अव्यवस्थाओं के बाद भी स्कूल का परीक्षा परिणाम बेहतर हैं। यदि स्कूल में अध्यापकों की कमी को दूर कर दिया जाए, तो उनके स्कूल का परीक्षा परिणाम और भी बेहतर हो सकता है। उनके स्कूल में कक्षा छह से आठ तक के छात्रों के लिए किताबों की डिमांड कई बार भेजी जा चुकी है।

कक्षा छह से आठ तक 178 बच्चों के लिए किताबों की डिमांड भेजी गई थी। केवल दस बच्चों के लिए ही किताबें आईं, अब उन्हें वह किस तरह बच्चों में वितरित करें वहीं, कक्षा 7वंी के लिए 168 की डिमांड भेजी गई, जिनमें से सात के लिए किताबें आईं व 8वीं के लिए 165 की मांग भेजी गई, जो आठ बच्चों के लिए किताबे पहुंची। पंजाबी व होम साइंस के लिए एक भी किताब नहीं पहुंची। स्कूल की प्रधानाचार्या सुमन बहमनी ने कहा कि कई बार विभाग को लिखित में देने के बाद भी किताबे नहीं पहुंच रही हैं।
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रामभरोसे स्कूल की पढ़ाई:
अध्यापकों ने बताया कि स्कूल में प्रतिदिन करीब 13 सौ बच्चों के लिए मिड डे मील बनाया जाता है वहीं, आदर्श स्कूल के प्राईमरी विंग में करीब 825 छात्र हैं। कुल 22 पोस्ट स्थायी हैं, जिनमें से 15 पर अध्यापक है, बाकी सात पोस्ट खाली पड़ी हैं। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोसे ही चल रही है। स्कूल में जो अध्यापक हैं, उन्हें भी पढ़ाई के साथ बैक कार्य मिड डे मील व अन्य कार्य भी करने पड़ते हैं। अब तक स्कूल में किताबें नहीं पहुंची, जबकि पहले सेमेस्टर के पेपर भी हो चुके हैं। ऐसे में वह बच्चों की पढ़ाईं और शिक्षा की गुणवत्ता कैसे बनाए रखे।
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