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दिनेश को खो देने पर झंडा गांव में पसरा मातम

Sun, 17 Jul 2016 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर
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सैनिक - फोटो : ब्यूरो
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यमुनानगर/साढौरा। भारतीय सेना में बतौर सैनिक कुपवाड़ा में तैनात साढौरा के झंडा गांव के 23 वर्षीय दिनेश की करंट लगने से मौत हो गई। शनिवार को तिरंगे में लिपटा उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो मातम पसर गया। ड्यूटी के दौरान दिनेश कुमार को जनरेटर चलाते हुए करंट लगा था। पिता महिंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात आठ बजे फोन पर उनको बेटे के शहीद होने की सूचना दी गई थी। शनिवार को जब दिनेश का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव में पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दिनेश की पत्नी गीता रानी सहित उनकी माता बाला देवी, पिता महेंद्र व भाई रवि कुमार को ग्रामीण व नाते-रिश्तेदारों ने सांत्वना दी। उनकी पत्नी बार-बार गश खाकर गिर रही थी। इस दौरान भारतीय सेना के जवानों ने आसमान में गोलियां दाग कर दिनेश को अंतिम सलामी दी।
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पत्नी के हाथों की अभी नहीं सूखी थी मेहंदी
परिजनों के मुताबिक दिनेश ने स्कूली पढ़ाई के दौरान ही भारतीय सेना में जाने का मन बना लिया था। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सालेहपुर में पढ़ाई पूरी करने के बाद से ही दिनेश भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयारी मे जुट गया था। स्कूल के अध्यापक झंडावासी रामकरण ने बताया कि दिनेश को सैनिक बनने का बड़ा चाव था। इसी को पूरा करने के लिए वह दिन-रात मेहनत करने लगा था। दिनेश 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ। प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत उसकी पहली तैनाती राजस्थान के गंगानगर में हुई थी। बीती 21 अप्रैल को दिनेश की शादी गीता रानी के साथ हुई। 20 मई को दिनेश कुमार की तैनाती कुपवाड़ा में हुई। तीन माह पूर्व ही दिनेश की शादी हुई थी। अभी उसकी पत्नी गीता रानी के हाथों की मेंहदी सूखी भी नहीं थी कि उसको पति दिनेश की मौत का समाचार मिल गया।

विस अध्यक्ष, राज्यमंत्री  व विधायक समेत पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
दिनेश को अंतिम सलामी दिए जाने के दौरान मौके पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विधायक बलवंत सिंह, डीसी डॉ. एसएस फूलिया, खंड विकास पंचायत अधिकारी योगेश कुमार, कांग्रेसी नेता बृजपाल छप्पर एवं एसएचओ चंद्र प्रकाश ने पहुंचकर दिनेश के शव पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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जांबाज सैनिक था दिनेश, सौंपे काम को पूरी लगन से करता था पूरा
दिनेश के शव के साथ गांव झंडा पहुंचे मेजर एके व्यास ने बताया कि राजपूताना रेंजीमेंट की टुकड़ी ने कुपवाडृा के समीप स्थित सोनामाडी में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन चलाया हुआ था। रात्रि के समय लाइट जाने पर दिनेश कुमार को जनरेटर चलाने की ड्यूटी सौंपी गई। जनरेटर चलाते समय ही करंट लगने से दिनेश कुमार नीचे गिर गया। इसके उपरांत दिनेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मेजर व्यास ने बताया कि दिनेश एक जांबाज सैनिक था तथा सौंपे गए हर कार्य को पूरी लगन एवं मेहनत से पूरा करता था।

सेना में थे गांव के तीन युवक:
दिनेश कुमार सहित गांव के दो अन्य युवक भारतीय सेना में शामिल थे। एक अन्य युवक की भी कुछ समय पूर्व बुखार होने से मौत हो गई। गांव में नौ पूर्व सैनिक हैं। गांव के तीन युवकों के भारतीय सेना में जाने से अब गांव के अन्य युवक भी भारतीय सेना में जाने की तैयारियां में लगे हुए हैं।
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