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ट्रैफिक ट्रैजिडी इन ट्विनसिटी

Wed, 13 Jul 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,यमुनानगर
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ट्रैफिक - फोटो : ब्यूरो
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यमुनानगर। वाहनों की तादात लगातार बढ़ती चली जा रही है। पार्क करने को भी जगह नहीं बची है। मजबूरन सड़कों पर खड़े किए जा रहे वाहनों से सड़कें संकरी पड़ गई हैं। ट्विनसिटी कुछ इसी प्रकार की ट्रैफिक ट्रैजिडी झेल रहा है, जहां लोगों के वाहनों के प्रति बढ़ते आकर्षण से शहर के सूरत-ए-हाल बिगड़ने लगे हैं। जिले में रोज औसत 70 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है, जिनमें एक दर्जन कारें हैं। एक ओर आए माह कारों की खरीद में इजाफा होता जा रहा है, जबकि सड़कों की चौड़ाई उतनी ही है जितनी दो दशक पहले थी।
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विभागीय आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2010-2011 तक जिले में 27881 कारें थी। उसके बाद चार से पांच हजार कारों का रजिस्ट्रेशन प्रतिवर्ष हुआ है। औसतन करीब एक दर्जन चौपहिया वाहन हर दिन रजिस्टर्ड हो रहे हैं। पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों के बावजूद कार का शौक रखने वालों की संख्या में कमी नहीं आई है।

यहां हर वक्त रहती जाम की दिक्कत
ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में रेलवे रोड, जगाधरी वर्कशॉप रोड, आईटीआई रोड, मॉडल टाउन के मेला सिंह चौक, नेहरू पार्क रोड, सरनी चौक, छोटी लाइन, बस स्टैंड समीप, मधु चौक, प्यारा चौक, जगाधरी के स्कूल रोड, खेड़ा मार्केट, पत्थरा वाला बाजार, सिविल लाइन, टाउन हाल, जड़ोदा गेट आदि स्थानों पर हर वक्त जाम की स्थिति रहती है। ज्यादा परेशानी शाम को होती है, जब वाहन चालक रेंगकर चलने पर मजबूर हैं और 15 मिनट का सफर आधे घंटे से 20 मिनट में तब्दील हो जाता है।
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वाहनों व चौक-चोराहों की संख्या के आगे मुलाजिम कम
सड़कों पर दौड़ते लाखों वाहनों पर नियंत्रण के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास महज दर्जनों कर्मचारी ही हैं। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक पुलिस द्वारा होमगार्ड की मदद ली जा रही है, किंतु उन्हें मिलाकर भी चौक-चौराहों के मुताबिक संख्या काफी कम है। जबकि हर चौक पर दो से तीन कर्मचारियों का होना जरूरी है।

पार्किंग के लिए गंभीरता से सोचना जरूरी
सड़क सुरक्षा संगठन के महासचिव अवतार सिंह चुघ ने कहा कि कोई दो राय नहीं है कि आज वाहनों की पार्किंग को लेकर जगह लगातार कम पड़ती जा रही है। आज लोग जरूरत न होने पर भी कार व अन्य वाहनों की खरीद कर रहे हैं। लोगों का कारों के प्रति बढ़ते के्रज के चलते कारों की संख्या में कमी लाना मुश्किल होगा, लेकिन पार्किंग को लेकर सोचना जरूरी है। ताकि कारों समेत बढ़ते वाहनों से लगते जाम जैसी दिक्कतों से जिलावासियों को निजात दिलाई जा सके।
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वर्जन
यातायात नियंत्रण का हर संभव प्रयास रहता है, ताकि जाम जैसी दिक्कत न आए। पार्किंग की व्यवस्था कराना नगर निगम के अंतर्गत आता है।
आदर्शदीप, डीएसपी, ट्रैफिक

वर्जन
अमृत योजना के तहत शहर को विकसित किया जाएगा। इसमें पार्किंग की व्यवस्था का भी प्रावधान है। जल्द ही लोगों को वाहनों की पार्किंग सुविधा मुहैया होगी।
विजय यादव, ईओ, नगर निगम
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