यमुनानगर। कुछ विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे विद्यार्थियों की मदद का जज्बा रखते हुए डॉक्टर भीमराव आंबेडकर चैरिटेबल सोसाइटी आगे आई है। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने इन बच्चों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी खोली है। जिसमें बैठकर विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छे से तैयारी कर सकेंगे। लाइब्रेरी में कंप्यूटर के अलावा 500 से अधिक किताबें भी रखी गई हैं ताकि विद्यार्थी घर पर भी तैयारी कर सकें। सोसाइटी के इस प्रयास से निश्चित ही विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा और उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
सोसाइटी की तरफ से यह लाइब्रेरी शहर के सेक्टर-17 में शनि मंदिर के पास स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन में खोली गई है। इस लाइब्रेरी में सात कंप्यूटर व इंटरनेट की व्यवस्था सोसायटी की तरफ से की गई है। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर चैरिटेबल सोसाइटी के अध्यक्ष आरसी चौधरी, उप प्रधान अमरीक सिंह, महासचिव चमन लाल कैंसे व कोषाध्यक्ष इंद्रराज ने बताया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का सपना था कि देश का एक-एक बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करे। उनकी सोच थी कि शिक्षा के बिना कोई भी व्यक्ति न तो आगे बढ़ सकता है और न ही समाज को मजबूत कर सकता है। काफी विद्यार्थी ऐसे हैं जो गरीब परिवारों से हैं। डिजिटल युग में उनके पास मोबाइल भी नहीं हैं। ऐसे में वह समाज पिछड़ जाते हैं। ऐसे विद्यार्थियों की मदद के लिए सोसाइटी ने लाइब्रेरी खोलने का निर्णय लिया था। फिलहाल रोजाना शाम पांच से सात बजे तक लाइब्रेरी खोली गई है। कुछ दिनों बाद इसे सुबह 11 बजे से दोपहर एक या दो बजे तक भी खोला जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी रखी हैं किताबें
प्रधान आरसी चौधरी ने बताया कि लाइब्रेरी में वरिष्ठ नागरिकों का भी ध्यान रखा गया है। लाइब्रेरी में धार्मिक पुस्तकें व उपन्यास रखे गए हैं। ताकि वह खाली समय में लाइब्रेरी में आकर अपनी पसंद के अनुसार धार्मिक किताबें या उपन्यास पढ़ सकें।