माहभर बाद दिवाली पर उम्मीद थी कि नगर निगम की ओर से शहर को यूएलबी से मंजूर 41011 नई स्मार्ट एलईडी लाइटों से रोशन कर दिया जाएगा, पर ऐसा होता नहीं दिख रहा। चूंकि शहर में लगानी तो दूर यह लाइटें अफसर खरीद भी नहीं पाए हैं। हालात ये हैं कि अभी इन लाइटों को लगाने के लिए जगह ही चिह्नित की जा रही है। यह सर्वे दिवाली से पहले पूरा होने की उम्मीद कम हैं। खुद निगम अफसर भी दिसंबर में जाकर यह लाइटें लगने की बात कह रहे हैं। ऐसे में इस बार भी गत वर्षों की तरह दिवाली पर लोगों के घर व अन्य भवन लाइटों से जमगम दिखेंगे, पर काफी जगह गलियों-सड़कों पर अंधेरा रहने वाला है।
बता दें कि मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21 में एलईडी लाइटें लगाने का करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था। इससे उक्त आठ वार्डों में सितंबर-2021 तक 8164 एलईडी लाइटें लग पाईं। जबकि अन्य 14 वार्डों में एलईडी लाइटें नहीं लग पाई। जिन आठ वार्डों में लगीं, वहां भी कई बंद व खराब हो रही हैं। वार्ड पार्षद नई एलईडी लाइटें ना लगने व पुरानी लाइटों की मरम्मत न होने का मुद्दा हर सदन बैठक उठा चुके हैं। बावजूद इसके साढ़े चार साल के कार्यकाल में 14 वार्डों में नई एलईडी लाइटें नहीं लगीं और पुरानी सोडियम व ट्यूब लाइट भी खराब व बंद होती रहीं। इससे इन वार्डों के गांवों से लेकर कॉलोनियों व मोहल्लों में शाम बाद अंधेरा हो जाता है। यह परेशानी दूर करने को यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) से पांच माह पहले से 41011 नई स्मार्ट एलईडी लाइटें मंजूर की गईं, पर अभी तक वार्डों में लगनी तो दूर यह लाइटे निगम अफसर ले भी नहीं पाए हैं।
नई 41011 एलईडी लाइटें स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम पर चलेंगी। इसके लिए नगर निगम कार्यालय में आईटी बेस कॉमन कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) तैयार होगा। जहां किसी भी लाइट के खराब होने पर सीसीएमएस से पता चल जाएगा। यानी निगम कर्मचारियों को खराब लाइट का पता करने के लिए ना तो शिकायत का इंतजार करना पड़ेगा और ना ही उसे ढूंढने को भटकना पड़ेगा। इसके अलावा यह लाइटें कार्यालय से ही बंद व चलाई जा सकेंगी। यानी अलग से ऑपरेटर की जरूरत नहीं होगी।
वार्ड-3 से पार्षद हरमीन कोहली ने कहा कि यह उनके कार्यकाल की पांचवीं दिवाली होगी, जब गलियों में अंधेरा रहेगा। क्योंकि वार्ड में मांग मुताबिक नई लाइटें नहीं लगी। अभी भी वार्ड का काफी हिस्से में शाम बाद अंधेरा रहता है। यह हालात तब हैं, जब सदन में कई बार यह मुद्दा उठा चुके हैं और एक बार सदन में मोमबत्ती दिखा चुके हैं।
वार्ड-13 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि नगर निगम के ज्यादातर कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं। इसके लिए निगम अफसर जिम्मेदार हैं। पांच माह पहले यूएलबी से लाइटें मंजूर थी तो अभी तक यह लाइटें वार्डों में लग जानी चाहिए थी। अब रोशनी का पर्व दीवाली आ रहा है, इसलिए आयुक्त से मांग करेंगे कि पर्व से पहले तक यह लाइटें लगाई जाएं।
अभी यह लाइटें लेनी है। उससे पहले इन्हें लगाने की साइट चिह्नित की जा रही हैं। जल्द यह कार्य पूरा होने पर दिसंबर तक यह लाइटें लगने लगेंगी। बाकि जनवरी में निगम स्टोर में आईं 1056 लाइटें वार्डों में जरूरत मुताबिक लगा दी गई हैं।
- विकास धीमान, एक्सईएन, नगर निगम।