पांच सौ व एक हजार के नोट बंद किए जाने के दो दिन बीत जाने के बाद भी नए नोटों की पर्याप्त आमद नहीं हो पाई है। वहीं, बैंकों में बंद नोटों को बदलने के लिए नोटों की किल्लत बनी हुई है। इसका सीधा असर बाजारों पर पड़ रहा है। शुक्रवार को ट्विन सिटी में दुकानदारी बुरी तरह प्रभावित रही। रही सही कसर छापेमारी की अफवाह ने पूरी कर दी। इनकम टैक्स व सेल्स टैक्स की रेड की अफवाह के चलते जिले भर में करीब 90 प्रतिशत दुकानों के शटर गिरा दिए गए।
बीते दो दिनों से मार्किट में हर तरफ पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट ही नजर आ रहे हैं। इन नोटों के चलन में न होने के कारण लगभग सभी दुकानदारों द्वारा इस करेंसी को लेने से इंकार किया जा रहा है। कुछ दुकानदारों ने तो अपनी दुकानों पर पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट न लेने का पोस्टर लगा दिया है। बैंकों में बंद किए गए नोटों के बदले दूसरे नोट दिए जा रहे हैं, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को दो हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। ऐसे में 100 और 50 के नोटों का मार्किट में लेन-देन काफी कम हो रहा है। जिनके पास ये नोट हैं, वे उन्हें संभाल कर रखे हुए हैं या इक्का-दुक्का नोट ही खर्च कर रहे हैं ताकि जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सके। इसका सीधा असर दुकानदारी पर पड़ रहा है। शुक्रवार को ट्विन सिटी में दुकानें खुली, लेकिन लगभग सभी ग्राहक पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट लेकर ही आ रहे थे। कुछ घंटों बाद ही कुछ दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर चलते बनें। दोपहर बाद पूरे शहर में यह खबर फैली की इनकम टैक्स व सेल्स टैक्स की टीमें ज्वैलरी व अन्य दुकानों पर छापेमारी कर रही है। इसके फौरन बाद ही यमुनानगर व जगाधरी की सभी ज्वैलरी शॉप बंद हो गई। उधर, जगाधरी में सेल्स टैक्स की टीमों द्वरा बर्तनों की दुकानों पर छापेमारी की अफवाह फैली, जिससे जगाधरी के पूरे बर्तन बाजार की दुकानें बंद हो गई और इसके बाद सभी बाजारों में सन्नाटा पसर गया।