यमुनानगर। प्री-मानसून की पहली बारिश से शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव होने के बाद अब नगर निगम को छोटे नालों की याद आई है। नगर निगम अब कॉलोनियों में गंदे पानी की निकासी के लिए बने छोटे नालों की सफाई करवाएगा। जगाधरी व यमुनानगर शहर की कॉलोनियों में छोटे नालों की सफाई दो जोन बनाकर करवाई जाएगी। जगाधरी व यमुनानगर शहर की कॉलोनियों में छोटे नालों की सफाई दो जोन बनाकर करवाई जाएगी। छोटे नालों की सफाई पर नगर निगम 26 लाख रुपये खर्च करेगा। इसके लिए नगर निगम ने शार्ट टर्म टेंडर लगाया है। पहले जोन में 01 से 11 वार्ड व दूसरे जोन में 12 से 22 वार्ड होंगे। सफाई का ठेका लेने वाली एजेंसी को दोनों जोन में 25-25 कर्मचारी लगाएगा।
जानकारी के अनुसार मानसून आने में अभी समय बाकी है लेकिन जिस तरह से थोड़े-थोड़े समय बाद बारिश हो रही है उसने नालों की सफाई की पोल खोल कर रख दी थी। कई कॉलोनियों में दो से ढ़ाई फीट पानी भर गया था। इससे इससे नगर निगम की काफी किरकिरी हुई थी। क्योंकि इस बार मानसून में होने वाली बारिश में शहर में जलभराव न होने के दावे नगर निगम के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे थे। कॉलोनियों में पानी इतना ज्यादा था कि उसे उतरने में दो घंटे से ज्यादा समय लग गया। हालात का जायज लेने के लिए खुद नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी व आयुक्त को धरातल पर सफाई व्यवस्था का जायजा लेना पड़ा। वीरवार को डीसी ने भी डिच ड्रेन समेत अन्य जगहों का निरीक्षण करके जायजा लिया। बारिश में विजय कॉलोनी, लाजपत नगर, सेक्टर-17, जिमखाना क्लब रोड, प्रोफेसर कॉलोनी, शक्ति नगर, मॉडल टाउन, वेयर हाउस, टैगोर गार्डन में जलभराव हो गया था।
-
58 किलोमीटर है बड़े नालों की लंबाई:
छोटे नालों से पहले बड़े नालों की सफाई निगम द्वारा करवाई जा रही है। जगाधरी व यमुनानगर के बड़े नालों की कुल लंबाई 58 किलोमीटर है। बड़े नालों की सफाई में 80 कर्मचारी लगाए हुए हैं। नालों की सफाई तीन चरण में की जानी है। बड़े नालों की सफाई में भी ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। ऐसा हम नहीं बल्कि अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में यह बात सामने आई थी। निरीक्षण के दौरान नालों की सफाई में कम कर्मचारी व जेसीबी लगी मिली थी। अधिकारी ठेकेदार को केवल चेतावनी देकर छोड़ते रहे। जिस कारण सफाई में लापरवाही बरती गई और शहर को जलभराव का सामना करना पड़ा।
-
वर्जन:
कॉलोनियों में छोटे नालों की सफाई करवाई जाएगी। इनकी सफाई से कॉलोनियों से बारिश के पानी की निकासी जल्दी होगी। इसके लिए टेंडर लगा दिया है। बड़े नालों की सफाई पर निगरानी की जा रही है। औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। ठेकेदार को बोल दिया है कि यदि नालों की सफाई में लापरवाही बरती तो कार्रवाई की जाएगी।
- सुमन बहमनी, मेयर नगर निगम यमुनानगर।