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झुग्गी झोपड़ी वासियों ने जिला प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

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जानकारी देते झुग्गी झोपड़ी वासी। - फोटो : AMAR UJALA
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यमुनानगर प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों पर जिला प्रशासन की ओर से लॉकडाउन में कुछ छूट दे दी गई है। ऑड ईवन के हिसाब से दुकानें भी खुलनी शुरू हो गई है, लेकिन गरीब और मजदूर लोगों को काम नहीं मिला है। उन्हें दो वक्त की रोटी नहीं मिल पा रही है। सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता भी अपने-अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त हो गए है, जो अब गरीबों और मजदूर वर्ग के लोगों तक राहत कम पहुंच रहे है। रेलवे स्टेशन के पास झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे लोगों को भोजन के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। झुग्गी झोपड़ी वासी बिका राम ने बताया कि यहां पर करीब 40 परिवार रहते हैं। जो कि कूडा बीनने का काम करते थे। लॉकडाउन के चलते और पुलिस की ओर से बर्ती जा रही सख्ताई के चलते वे अपने काम पर नहीं जा पा रहे है। उन्होंने बताया कि पैसे ना होने की वजह से उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उनके परिवार भूख से मर रहे है। उन्होंने बताया कि यहां रहने वाले 40 परिवारों में से कुछ ही लोगों के पास राशन कार्ड हैं। जिस पर अब तक सिर्फ गेहूं व एक किलो दाल मिली है। जिसके सहारे पूरा महीना निकालना बहुत मुश्किल है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं थे, उन्हें पुलिस कर्मचारियों द्वारा राशन दिया गया था, लेकिन वह राशन भी अब खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जबसे सरकार ने लॉकडाउन में कुछ छूट दी है तबसे ना तो कोई उन्हें खाने के लिए कुछ सामान देने के लिए आ रहा है और ना ही उनके पास खाना बनाने के लिए समान है। उन्होंने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई और कहा कि झुग्गी झोपड़ी में रह रहे परिवारों के लिए राशन या फिर भोजन की व्यवस्था की जाए, ताकि वह भी अपना जीवन गुजर-बसर कर सकें, दो रोटी खाकर लॉकडाउन के आदेशों की पालना कर सके।
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