संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की 13 अनाज मंडियों में रविवार को सरकारी स्तर पर धान की खरीद बंद रही। लेकिन मंडियों में धान की आवक लगातार जारी रही। मंडियों में धान के उठान पर जोर रहा। इसके बावजूद उठान की धीमी रफ्तार के कारण मंडियों में धान का ढेर बढ़ता जा रहा है। मंडियों में धान सुखाने के लिए पर्याप्त जगह न मिलने से किसान परेशान हैं।
जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,95,840 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 1,69,169 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं, करीब एक लाख मीट्रिक टन धान का उठान हुआ है, जो खरीदे गए धान का 58.95 प्रतिशत है। रविवार को एक दिन में करीब 16,389 मीट्रिक टन धान का उठान किया गया। मंडियों में लगातार पहुंच रही फसल के मुकाबले उठान की गति कम होने से व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।
धान उठान में देरी के पीछे ट्रकों में लगे जीपीएस की लोकेशन बार-बार बंद होना भी एक कारण बताया जा रहा है। इसके अलावा राइस मिलों में धान खाली करने के लिए पर्याप्त लेबर नहीं मिल रही। ऐसे में धान लेकर पहुंचने वाले ट्रक मिलों में कई-कई घंटे खड़े रहते हैं। इससे ट्रकों की उपलब्धता प्रभावित होती है और मंडियों से धान उठाने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।
उठान तेज करने की मांग
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि इस बार मंडियों में किसानों को जितनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। जिले की ऐसी कोई मंडी नहीं है, जहां किसान परेशान न हों। उन्होंने मांग की कि मंडियों से धान उठान की व्यवस्था में तेजी लाई जाए डीएफएससी नितिश सिंगला ने बताया कि मंडियों से धान उठान में अब कोई दिक्कत नहीं है।