संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में 41 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का काम कछुआ चाल से हो रहा है। यह लाइटें सभी 22 वार्डों में लगनी हैं, पर तीन वार्डों में लगनी शुरू हुई हैं। अन्य वार्डों में शाम होते ही अंधेरा पसरा देख लोग वार्ड के निवर्तमान पार्षदों को कोस रहे हैं।
इससे दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे निवर्तमान व पूर्व पार्षदाें को बिगड़ी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से नुकसान का डर है। इनका आरोप है कि वार्डों में पुरानी लाइट ठीक नहीं हो रहीं और नई लाइट लगाने का काम कछुआ गति में है, जिससे वार्डों में रोशनी करने से पहले लाइट की एक्सपायरी डेट आ जाएगी, क्योंकि यह काम आगामी निगम चुनाव से लटकने की आशंका है।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत पुराने लगी सोडियम बल्ब, सीएफएल व ट्यूब लाइट बदल कर उनके स्थान पर नगर निगम की ओर से एलईडी लाइट लगाईजा रहे हैं। इन 13 हजार पुराने प्वाइंट्स के अलावा 28 हजार नए प्वाइंट पर भी यह लाइटें लगेंगी। पहले चरण में तीन वार्डों में करीब साढ़े तीन हजार लाइट लगेंगी, जिनमें वार्ड पांच, 14 व 18 शामिल हैं।
करीब पांच वर्षों के इंतजार के बाद एलईडी लाइट लगते देख तीनों वार्ड के लोगों में खुशी है, पर अन्य वार्डों में यह काम शुरू न होने से निवर्तमान व पूर्व पार्षद नाराज हैं। निवर्तमान पार्षदों में हरमीन कोहली, देवेंद्र सिंह, विनय कांबोज, रामआसरा भारद्वाज व निर्मल चौहान ने कहा कि अभी लाइट लगाने काम तीन वार्डों में हो रहा है।
कछुआ गति से काम चला तो सभी वार्डों में लाइट रोशनी करने से पहले एक्सपायरी डेट के करीब होंगे। क्योंकि निगम चुनाव भी मार्च में संभावित है, इसलिए वार्डों में बिगड़ी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से चुनाव वोट के नुकसान का डर है। क्योंकि वार्डों में गत छह वर्षों में नए एलईडी लाइट नहीं लग पाए। एलईडी लाइट परियोजना से अछूते वार्डों में शाम बाद अधिकांश क्षेत्र की गलियों-सड़कों पर अंधेरा रहता है।
धुंध के मौजूदा सीजन में भी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था ठीक होनी जरूरी है, पर पुराने लाइट ठीक न होने और नए लाइट न लगने पर लोग निगम अफसरों के साथ निवर्तमान पार्षदों को भी कोस रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि निगम अफसर निवर्तमान पार्षदों की भी सुनवाई नहीं कर रहे। इससे पहले मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21 में सोडियम लाइट-बल्ब, सीएफएल व ट्यूब लाइट के स्थान पर एलईडी लाइट लगाने का करीब चार करोड़ रुपये का टेंडर हुआ था।
इसके तहत काम शुरू होते ही गुणवत्ता व अन्य बिंदुओं पर उठे सवालों और आरोपों के चलते काफी समय तक आठ वार्डों में ही यह प्रोजेक्ट लटका रहा। निगम अफसरों से लेकर विधानसभा पिटीशन कमेटी में भी मामला पहुंचा। इसके बाद सितंबर-2021 में जाकर उक्त आठ वार्डों में 8164 एलईडी लाइट लगाई गईं। अन्य 14 वार्ड एलईडी लाइट प्रोजेक्ट से अछूते रह गए।
एलईडी लाइट लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास है। इस संबंध में संबंधित अफसरों को पहले ही दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।