संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। हथिनीकुंड बैराज पर डायाफ्राम वॉल के नीचे से खनन सामग्री निकाल कर यूपी में लगे स्टोन क्रशर पर डालने का ठेकेदार पर लोगों ने आरोप लगाया। इसे लेकर लोगों ने ठेकेदार व सिंचाई विभाग के प्रति रोष प्रकट किया गया। लोगों का आरोप है कि इससे बैराज क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। लोगों ने इसके खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
उल्लेखनीय 146 करोड़ रुपये से हथिनीकुंड बैराज के नीचे डायाफ्राम वॉल बनाई जा रही है। इस कार्य से निकलने वाली खनन सामग्री उत्तर प्रदेश में ले जाने को लेकर सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हो गए। उन्होंने पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। ग्रामीणों ने हथिनीकुंड बैराज से खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन रोकने की मांग की। सूचना पाकर मौके पर प्रतापनगर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों को समझाया।
ग्रामीण सोनू, टोनी कलेसर, विनोद कुमार, गोपी, विशाल, पारस, रजत डमौली ने बताया कि प्रशासन ने यहां ओवरलोड रोकने के लिए पुलिस चौकी बनाई थी। चौकी पर 24 घंटे पुलिस कर्मचारी तैनात रहते थे। परंतु यह चौकी हटा दी है। परंतु अभी बैराज के नीचे डाया फॉर्म वॉल निर्माण चल रहा है और पुलिस चौकी बंद होने से पुल से खनन सामग्री से भरे दर्जनों वाहन उत्तर प्रदेश जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि यह स्थिति रही तो बैराज की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बैराज पर दोबारा से पुलिस चौकी बनाई जाए। बता दें बाराज पर चल रहे कार्य से निकलने वाली खनन सामग्री भरकर ले जाने को लेकर ग्रामीण पहले भी एतराज जाता चुके हैं।
सोमवार को ग्रामीणों ने बैराज से गुजरने वाले वाहनों को रोक दिया। पुलिस ने पहुंच कर ग्रामीणों को शांत करवाया। थाना प्रभारी प्रतापनगर गुरमेल सिंह ने बताया कि जाम की सूचना मिलते ही पहुंचे थे। लोगों की शिकायत पर एक डंपर पकड़ा है और मामले की जांच की जा रही है।