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Yamuna Nagar News: छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या

Sun, 22 Sep 2024 05:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। तीन दिन पहले बूड़िया में दरिंदगी के बाद की गई बच्ची की हत्या को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि अब खंड छछरौली के एक गांव में ऐसी ही दरिंदगी सामने आई है। यहां भी पड़ोस में रहने वाला युवक घर के बाहर खेल रही छह साल की बच्ची को बहला कर गन्ने के खेत में ले गया। जहां आरोपी ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसकी गला घोटकर हत्या कर दी गई।
देर रात बच्ची का शव ग्रामीणों को खेत से बरामद हुआ। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। ग्रामीण व परिजन आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। गिरफ्तारी न होने पर उन्होंने शव लेने से मना कर दिया और सिविल अस्पताल के बाहर रेलवे रोड पर जाम लगा दिया। डीएसपी राजेश कुमार ने गिरफ्तार आरोपी की फोटो मोबाइल पर मंगवा कर परिजनों को दिखाई। गिरफ्तारी होने की पुष्टि के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस रविवार को आरोपी को अदालत में पेश कर करेगी।
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मृतक बच्ची की मां ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे उसकी छह वर्षीय बच्ची पड़ोस में खेलने गई थी। शाम साढ़े पांच बजे वह ट्यूशन पर जाती थी। खेलने के बाद वह स्वयं पांच बजे घर आ जाती थी। लेकिन जब बच्ची साढ़े पांच बजे तक घर नहीं आई तो उसने उसकी तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान गांव के बाहर डॉक्टर की दुकान करने वाले अमन ने बताया कि एक बच्ची को गांव का ही राजेश खेतों की तरफ ले गया था। उसने नहीं पता बच्ची किसकी थी। इसके बाद ग्रामीण व लड़की के परिजन उसकी तलाश में जुट गए। तलाश के दौरान ग्रामीणों को गन्ने के खेत के बाहर बच्ची की चप्पल मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर पूरे गन्ने के खेत को खंगाल डाला।
रात करीब दस बजे खेत के बीच में बच्ची का शव पड़ा मिला। उसे घास के नीचे छिपाया हुआ था। उसके कपड़े अस्त व्यस्त थे। उसके साथ गलत काम करके गला घोट कर हत्या की गई थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया।
डीएसपी ने गिरफ्तार आरोपी फोटो दिखाई तो माने लोग
शनिवार सुबह बच्ची के शव की पोस्टमार्टम कार्रवाई करने जैसे ही पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों व परिजनों ने मना कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पहले आरोपी को गिरफ्तार करें। इसके बाद ही वह बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराएंगे।
इसके बाद डीएसपी राजेश कुमार, छछरौली थाना प्रभारी रोहताश व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों का समझाया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती वे न तो शव का पोस्टमार्टम कराएंगे और न ही शव को लेंगे। दोपहर साढ़े 12 बजे गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण सिविल अस्पताल के सामने रेलवे रोड पर जाम लगा दिया।
महिलाएं कतारबद्ध होकर रेलवे रोड पर खड़ी हो गई और जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपी की फोटो मोबाइल पर मंगवाई। उसे परिजनों को दिखाया। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।


बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। मामले में गांव के ही राजेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों का समझा दिया गया है। आरोपी को सीआईए टू की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा। - राजेश, डीएसपी यमुनानगर।
दरिंदगी से बचने को बच्ची ने किया मुकाबला

संवाद न्यूज एजेंसी



यमुनानगर। दरिंदगी का शिकार हुई छह वर्षीय बच्ची दूसरी कक्षा में पढ़ती थी। रोजाना साढ़े पांच बजे वह गांव में ही ट्यूशन पर जाती थी। शुक्रवार को घर से खेलने निकली यह बच्ची न ट्यूशन जाने के लिए जब घर नहीं पहुंची तो परिजन को वारदात का पता चला। हत्यारोपी पड़ोस का रहने वाला ही निकला।

ग्रामीणों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खेतों की तरफ से आया। उसके कपड़े गीले व कीचड़ से खराब हुए थे। लेकिन तब किसी ग्रामीण को ऐसा नहीं लगा कि आरोपी बच्ची से दरिंदगी करके घर आ रहा है। अपने घर आकर उसने कीचड़ व पानी में गीले हुए कपड़े बदले। नहाकर दूसरे कपड़े डाले और घर से फरार हो गया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी के परिजनों ने उसे भगाने में मदद की। बाद में उसके परिजन भी घर को ताला लगाकर कहीं गायब हो गए।



तीन दिन में दरिंदगी के बाद हुई दो बच्चियों की हत्या के मामले में जिला बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस लड़ने से मना किया है। जिला बार एसोसिएशन ने भी इस तरह के कुकृत्य की कड़ी भर्त्सना करते हुए इन जैसे आरोपियों की ओर से किसी भी वकील के द्वारा इनका केस न लड़ने का प्रस्ताव पारित किया है।
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जिला बार एसोसिएशन के प्रधान अधिवक्ता अरुण ढांडा ने बताया कि इस तरह की घटनाएं हमारे समाज में एक बदनुमा दाग है। इसकी हम घोर निंदा करते है। उन्होंने कहा की जिला बार एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है कि इस तरह के घृणित मामले के आरोपियों की ओर से न तो कोई अधिवक्ता इनका केस लड़ेगा और न ही उनकी कोई सहायता की जाएगी। हम सभी मृत बच्चियों के पीड़ित परिवारों के साथ खड़े है
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