संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। तेजली गांव से शनिवार को शनि मंदिर में माथा टेकने के लिए जाते समय रास्ते में गोवंश आ जाने से मामा-भांजा की कार अनियंत्रित हो गई। कार शनि मंदिर के बोर्ड से लगने के बाद दीवार से जा टकराई। कार के एयर बैग खुलने से मामा-भांजा बाल बाल बचे।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले विजय ने बताया कि प्यारा चौक स्थित हेयर सैलून का काम करते हैं और सुबह के समय भांजे विक्की के साथ दुकान पर जाते समय रास्ते में गोवंश आ जाने से हादसा हो गया। हादसा इतना खतरनाक था कि कार के एयरबैग खुलने से दोनों की जान बच पाई जिससे दोनों को मामूली चोटें आई। अगर कार तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
लोगों ने बताया कि हर दिन सड़कों पर गोवंशों की नगर निगम की सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशु नगर निगम प्रशासन को नजर नहीं आते। लेकिन यह आमजन के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं। सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशु न सिर्फ दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं बल्कि यातायात को भी बाधित कर रहे हैं।
स्थिति यहां तक बन गई है कि गोवंश के संरक्षण के लिए बनाया गया अधिनियम केवल नगर निगम की फाइलों में कैद होकर रह गया है। लोगों ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में गोवंश पालकों के लिए नगर निगम प्रशासन से पंजीकृत होना अनिवार्य करना चाहिए क्योंकि जब तक गाय दूध देती है तो लोग घरों में रखते हैं और बाद में गोवंश को सड़कों पर छोड आते हैं जिसकी वजह से सड़क हादसे हो जाते हैं।