संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शराब के बचे हुए सभी सात जोन की नीलामी सोमवार को 15वीं बार भी नहीं हो सकी। सात में से केवल तीन जोन ही बिक पाए। आबकारी विभाग ने तीनों जोन का रिजर्व प्राइज 26 करोड़ 10 लाख 63 हजार रुपये रखा गया। यह जोन 27 करोड़ 13 लाख 27 हजार 999 रुपये में बिके। इस तरह तीनों जोन की बोली एक करोड़ दो लाख 64,999 रुपये ज्यादा लगी। नीलामी एडीसी नवीन आहूजा व डीईटीसी आलोक पासी की देखरेख में हुई।
जिन जोन की बिक्री हुई उनमें जोन-27 दुर्गा गार्डन-नानकपुरा 09 करोड़ 30 लाख 2699 रुपये में बिका। इसका रिजर्व प्राइस 08 करोड़ 64 लाख 27 हजार रुपये था। यह जोन 65 लाख 99,999 ज्यादा में बिका। जोन-32 मेन बाजार नंबर दो-पुराना रादौर रोड 08 करोड़ 61 लाख 80 हजार रुपये में बिका। इसका रिजर्व प्राइस 08 करोड़ 39 लाख 16000 रुपये था।
यह जोन 22 लाख 64 हजार रुपये ज्यादा में बिका। इसी तरह जोन-43 लक्कड़ मंडी- सहारनपुर रोड नंबर-एक 09 करोड़ 21 लाख 21 हजार रुपये में बिका। इसका रिजर्व प्राइस 09 करोड़ सात लाख 20 हजार रुपये था। यह जोन 14 लाख 1000 रुपये ज्यादा में बिका। अब तक हुई नीलामी में ठेकों का रिजर्व प्राइस 17 प्रतिशत तक कम हो चुका है। इस तरह जिले में कुल 55 जोन में से 51 जोन के ठेके बिक चुके हैं।
चार जोन के ठेकों की अगली नीलामी 16 या 17 15 जुलाई को कराई जा सकती है। आगामी तारीख में बचे हुए सभी जोन की नीलामी होने का अनुमान है। वह इसलिए क्योंकि अब बिक्री के लिए जोन ज्यादा नहीं बचे हैं। इसलिए जो ठेके रह गए हैं सभी शराब कारोबारी उन्हें खरीदने के लिए पूरा जोर लगाएंगे। ठेकेदार चाहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा ठेके उनके पास आएं। अब शराब का कारोबार करने वाले ठेकेदारों के पास विकल्प भी नहीं बचा है।
उम्मीद तो सभी सात जोन की नीलामी होने की थी, लेकिन इनमें से तीन जोन ही बिक सके। अगली नीलामी आखिरी हो सकती है। जिसमें सभी जोन बिक जाएंगे। शराब कारोबारियों को सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह सुरक्षित माहौल में कारोबार कर रहे हैं। - आलोक पासी, डीईटीसी जगाधरी।
शराब ठेकों की नीलामी में कब-कब क्या हुआ
31 मई को शराब ठेकों के सभी 55 जोन की पहली बार नीलामी कराई गई। केवल 27 करोड़ रुपये में तीन जोन ही बिक सके। कम जोन की नीलामी होने से रद्द कर दिया गया।
02 जून को शराब ठेकों पर हो रही फायरिंग व कारोबारियों को मिल रही धमकियों का मामला चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंच गया। ।
04 जून को दूसरी बार नीलामी कराई गई। परंतु 55 में से 10 जोन की ही नीलामी हो पाई।
10 जून को शराब के 45 जोन की एक बार फिर से नीलामी कराई गई। लेकिन एक भी ठेकेदार ने नीलामी में हिस्सा नहीं लिया।
12 जून को नई शराब पॉलिसी लागू हो गई। नीलामी न होने के कारण आबकारी विभाग ने 90 ठेकों को सील कर दिया गया।
13 जून को एक बार फिर ठेकों की नीलामी के लिए तारीख निर्धारित की गई लेकिन स्थगित कर दिया गया।
20 जून को फिर से नीलामी कराई गई। किसी ठेकेदार ने बोली नहीं लगाई।
23 जून को हुई नीलामी में किसी ठेकेदार ने हिस्सा नहीं लिया।
27 जून को हुई नीलामी में शराब के छह जोन के 12 ठेके बिके।
01 जुलाई को छह जोन के 12 ठेके बिके।
03 जुलाई को शराब के पांच जोन के 10 ठेके बिके।
07 जुलाई को 8 जोन के 16 ठेके बिके।
09 जुलाई को 15 जोन में से चार जोन के 8 ठेके बिके।
11 जुलाई को 11 जोन में से चार जोन के आठ ठेके ही बिक सके।