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Yamuna Nagar News: मलकीत सिंह हत्याकांड में छह दोषियों को उम्रकैद, एक बरी

Tue, 31 Mar 2026 03:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। गांव महलांवाली में वर्ष 2021 में हुए बहुचर्चित मलकीत सिंह हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशविंद्र पाल सिंह की अदालत ने छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि एक को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल 35,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने मंदीप सिंह उर्फ हैप्पी, परमजीत, जगजीत, मनदीप, तजिंद्र, विशाल और विक्रम सिंह को दोषी करार दिया। वहीं दलजीत को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। इससे पहले 27 मार्च को अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया था। मामला थाना सदार जगाधरी में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा था, जिसमें हत्या सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।
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शिकायतकर्ता बलजिंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 24 सितंबर 2021 को अपने दोस्तों दमनजीत, मलकीत सिंह और गुरजीत सिंह के साथ कार में घर लौट रहे थे। पाबनी रोड के पास पहुंचे तो आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया। उन्होंने डंडों और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इस दौरान मनदीप उर्फ हैप्पी ने तलवार से मलकीत सिंह के सिर और शरीर पर गंभीर वार किए। हमले के बाद आरोपी मौके से भाग गए। घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन मलकीत की हालत गंभीर बनी रही। बाद में उसे पंचकूला के निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी थी।
कबूलनामे और साक्ष्यों ने मजबूत किया केस
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में उनकी भूमिका की पुष्टि कराई। आरोपियों ने घटना स्थल की निशानदेही भी कराई। पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों से बरामद हथियार, खून से सने साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जुटाए।
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22 दिसंबर 2021 को पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और बरामद हथियारों को अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया। खास तौर पर सीटी स्कैन रिपोर्ट ने केस की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे मामला साधारण मारपीट से बढ़कर हत्या तक पहुंच गया।

पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया फैसला
जिला न्यायवादी धर्मचंद के अनुसार, पुलिस और अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों की मजबूत कड़ी अदालत के सामने पेश की। गवाहों के सुसंगत बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी छह दोषियों को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए उम्रकैद और जुर्माना की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है, वहीं क्षेत्र में भी इस मामले को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा पर विराम लग गया है।
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