यमुनानगर। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में कार्यरत जिला सलाहकार रजनी गोयल ने सोमवार को अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। इसके लिए उन्होंने विभाग के निदेशक कम चीफ इंजीनियर को अपना त्याग पत्र भेज दिया। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन पर मानसिक रूप से उत्पीड़न करने और परेशान करने के आरोप भी लगाए हैं। रजनी गोयल ने कहा है कि कार्यस्थल पर प्रतिकूल वातावरण और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं।
अपने त्याग पत्र में रजनी गोयल ने कहा कि विभाग के डिवीजन कार्यालय नंबर-में में जिला सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं, ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं नोडल अधिकारी लंबे समय से उनके प्रति दुर्भावनापूर्ण और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार के चलते कार्यालय का माहौल पूरी तरह से विषाक्त हो चुका है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। इससे पहले भी कई बार उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते संबंधित अधिकारी का मनोबल बढ़ता गया और उत्पीड़न की घटनाएं भी लगातार बढ़ती रहीं। पत्रत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीआरसी विजय कुमार द्वारा की गई पूर्व शिकायत में कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर डीएसपी कार्यालय व्यासपुर में समझौता हो चुका था। इसके बावजूद फिर से शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे संबंधित अधिकारियों की मंशा दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होती है।
किसी को परेशान नहीं किया: दिनेश गाबा
वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन दिनेश गाबा का कहना है कि विभाग में किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को परेशान नहीं किया जाता। जितना भी स्टाफ है उससे काम के सिलिसिले में ही सवाल-जवाब होते हैं। कर्मचारी द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद हैं।