प्रतापनगर। हथिनी कुंड बैराज की सुरक्षा को लेकर इस बार सरकार की तरफ से लगभग साढ़े 6 करोड रुपए मंजूर किए गए हैं। 30 जून से पहले यह कार्य पूरा किया जाएगा। जिसको लेकर विभाग की तरफ से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार आए 3 लाख 59 हजार 760 क्यूसेक पानी ने कुंड बैराज की डाउनस्ट्रीम को क्षतिग्रस्त कर दिया था। बैराज के नीचे लगाए गए ब्लॉक उखड़ गए थे। पिछले तीन सीजन से हथिनी कुंड बैराज की डाउनस्ट्रीम में बाढ़ बचाव कार्य नहीं हुआ था। जिसका खामियाजा बैराज से छोड़े इस सीजन के सबसे अधिक 3 लाख 59 हजार 760 क्यूसेक पानी से ही भुगतना पड़ा था। हालांकि इस बार पानी की रफ्तार अधिक रही। लगातार दो दिन तक निरंतर पानी के तेज बहाव के कारण हथिनी कुंड बैराज डाउनस्ट्रीम क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिसमें ब्लॉक व पत्थरों की पेचिंग पानी में बह गई थी।
साल 2023 में इस तरह रहा बैराज पर पानी
हथिनी कुंड बैराज पर साल 2023 में सीजन का सबसे अधिक पानी 3 लाख 59 हजार 760 क्यूसेक रहा। जिसमें 2 लाख 50 हज़ार क्यूसेक पानी लगभग 21 घंटे तक बहता रहा। जिसके चलते हथिनी कुंड बैराज के डाउनस्ट्रीम में कटाव हुआ। पिछले लगभग 10 वर्षों की अपेक्षा इस बार हथिनी कुंड बैराज पर लगातार 21 घंटे तक 2 लाख 50 हज़ार क्यूसेक पानी बहा जिस कारण हथिनी कुंड बैराज के नीचे डाउनस्ट्रीम में लगे पत्थर व ब्लॉक बह गए। लेकिन अब राहत कार्य होने से काफी फायदा होगा। ऐसे में यदि पानी छोड़ा भी जाता है तो नुकसान होने की कम संभावना रहेगी।
हर वर्ष कराया जाता है मरम्मत कार्य
वहीं सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय कुमार गर्ग ने बताया कि जब से बैराज बना है तब से हर वर्ष 4 से 5 करोड़ रुपये का यहां मरम्मत कार्य करवाया जाता है। सिंचाई विभाग की तरफ से हर सीजन में यहां पर होने वाले मरम्मत कार्य के लिए अनुमति मांगी जाती है। हर बार इसकी मंजूरी वाटर कमीशन रिसर्च सेंटर द्वारा ही दी जाती हैं। इस बार सीजन का 3 लाख 59 हजार 760 क्यूसेक पानी रहा। यहां लगभग 21 घंटे से भी अधिक समय तक ढाई लाख क्यूसेक पानी बहा। जिसकी वजह से डाउनस्ट्रीम में लगे सीमेंट ब्लॉक व पेचिंग क्षतिग्रस्त हो गई। जिसको ठीक करवाया जा रहा है।