आरसी फर्जीवाड़ा मामले में एसआईटी यमुनानगर ने रोहतक के सुनील चिटकारा प्रोटेक्शन रिमांड पर लिया है। पुलिस सुनील को लेकर यमुनानगर पहुंच गई है। रोहतक निवासी सुनील चिटकारा इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा मास्टर माइंड है। सुनील के खुलासे के बाद ही अमित की संलिप्तता सामने आई थी। एसआईटी सुनील से इस मामले में पूछताछ करेगी। वहीं राजेंद्र डांगी और अमित कुमार की भूमिका के बारे जानकारी लेगी। वहीं दूसरी तरह राजेंद्र से पुलिस अभी फाइलें ढूंढवा रही है। फर्जीवाड़े की फाइलें मिल नहीं रही हैं। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि यहां से फाइलें गायब कर दी गई हैं। अमित को पुलिस ने पांच दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के तीन दिन निकल जाने के बाद पुलिस अभी तक अमित के पास से कुछ बरामद नहीं कर पाई है।
सिरसा पुलिस ने दो बार के रिमांड में अमित से कुल 25 लाख रुपये बरामद किए हैं। एसआईटी सदस्य राकेश मटौरिया ने कहा कि सुनील चिटकारा के आने के बाद जांच में तेजी आ आएगी है। वहीं इस प्रकरण में लिप्त बड़े अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस सुनील को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। इसी के साथ ही पुलिस फर्जी आरसी वाले वाहन रिकवर करने की कोशिशों में जुट गई है। जांच में सामने आया कि सबसे ज्यादा बिना एनओसी के गाड़ियों का पंजीकरण किया गया है। इसमें काफी मोटी रकम का गोलमाल किया गया है। जांच में आया है कि आर्मी मैन के ऑप्शन का प्रयोग कर रजिस्ट्रेशन किया जाता था। चूंकि ऐसे करने से एनओसी की जरूरत नहीं पड़ती थी। एसआईटी जल्द ही मामले का पटाक्षेप करने का दावा कर रही है।