यमुनानगर। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान साढौरा से कांग्रेस विधायक रेनू बाला ने क्षेत्र की नदियों में जमा सिल्ट (गाद) का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि सोमनदी, चतंग और नकटी नदी से गाद निकालने के लिए क्या कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। इस पर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने जवाब देते हुए बताया कि चतंग नदी से गाद निकालने का कार्य वर्तमान में जारी है और इसे 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस कार्य पर करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है। मंत्री ने यह भी कहा कि नकटी नदी से सिल्ट निकालने का काम भी 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। दरअसल, सोमनदी, चतंग और नकटी जैसी बरसाती नदियों में समय के साथ बड़ी मात्रा में गाद जमा हो जाती है। मानसून के दौरान जब तेज बारिश होती है तो पानी का बहाव बाधित हो जाता है और नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में कई बार पानी किनारों से बाहर निकलकर आसपास के गांवों और खेतों में फैल जाता है। इससे किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं और आर्थिक नुकसान होता है। कई बार गांवों की सड़कों और संपर्क मार्गों पर भी पानी भर जाता है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है। इसी कारण हर साल मानसून से पहले इन नदियों से गाद निकालने की मांग उठती रहती है, ताकि पानी का बहाव सुचारू बना रहे और आसपास के गांवों व खेती को नुकसान से बचाया जा सके।