संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। श्री बालाजी सेवा समिति की ओर से श्री बालाजी मंदिर में शनिवार से सात दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। पहले दिन कथावाचक राम सुमिरन दास महाराज ने बताया कि भगवान श्रीराम सरल स्वभाव के साथ-साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भी थे। उन्होंने भगवान शिव के धनुष को तोड़कर सीता स्वयंवर में अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।
कथावाचक ने कहा कि महर्षि परशुराम का सामना विनम्र स्वभाव से करके अपनी विनम्रता का परिचय दिया। भगवान श्रीराम हमें सिखाते है कि अपने छोटे भाईयों को अपने बेटों की तरह मानो व अपने बड़े भाई को पिता के समान आदर देना चाहिए। भगवान रामचंद्र ने रावण का अंत कर अधर्म पर धर्म की विजय पताका फहराई। इस अवसर पर पुजारी पुष्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि शनिवार 21 जून को सुबह 9 बजे हवन यज्ञ व प्रसाद वितरित किया जाएगा। इस अवसर पर समिति के प्रधान विनोद राणा, बबलू, प्रवीण, अनिल, प्रियकांत जोगी, श्रीराम गर्ग आदि मौजूद रहे।