संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आयोजित पांच दिवसीय श्रीकृष्ण कथा का समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन साध्वी जयंती भारती ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है।
उन्होंने बताया कि प्रभु की कथा मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली एक अद्भुत आध्यात्मिक क्रांति है, जिसके माध्यम से संस्थान जन-जन तक आध्यात्मिक चेतना पहुंचाने का कार्य कर रहा है। साध्वी ने कहा कि केवल कथा श्रवण से ही जीवन में पूर्ण परिवर्तन नहीं आता, बल्कि ब्रह्मज्ञान से आत्म साक्षात्कार और निरंतर ध्यान साधना के अभ्यास से व्यक्ति के भीतर वास्तविक बदलाव संभव होता है।
उन्होंने कहा कि आत्म साक्षात्कार से परमात्मा का साक्षात्कार करना ही सभी शास्त्रों का मूल संदेश है। पूर्ण सद्गुरु की शरण में जाकर ही ब्रह्म का अनुभव किया जा सकता है, चूंकि सद्गुरु केवल परमात्मा की चर्चा नहीं करते, बल्कि साधक को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान से ही विश्व में भाईचारा और शांति की स्थापना संभव है।
उन्होंने बताया कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आध्यात्मिक जागरण के साथ सामाजिक स्तर पर भी अनेक जनकल्याणकारी प्रकल्प चला रहा है। केंद्रीय जेलों में भी संस्थान की ओर से सुधारात्मक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे बंदी जीवन व्यतीत कर रहे लोग भी अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझ पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों और मानव की नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त करने में ब्रह्मज्ञान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कथा का समापन प्रभु की आरती और विश्व शांति की प्रार्थना के साथ किया गया। इससे पूर्व अंतिम दिन की कथा शुभारंभ झंडा शिव मंदिर कमेटी प्रधान रमेश कुमार बिट्टू ने किया।