संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रक्षाबंधन पर महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा तो मिली लेकिन बसों की कमी और यात्रियों की भारी भीड़ ने इस सुविधा को परेशानी में बदल दिया। वीरवार की दोपहर 12 बजे से शुरू हुई निशुल्क यात्रा के बाद यमुनानगर और जगाधरी बस अड्डों पर दिनभर यात्रियों की भीड़ लगी रही।
महिलाएं घंटों बसों का इंतजार करती नजर आईं। बस आते ही उसमें चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। छोटे बच्चों के साथ सफर कर रही महिलाओं और बुजुर्ग महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। हालात ऐसे थे कि 52 सीट वाली बस में 100 से ज्यादा महिलाओं व बच्चों ने सफर किया। खचाखच भरी बसों में गर्मी व उमस से महिलाएं बेहाल हो गई। रक्षाबंधन पर महिलाओं को 27 अगस्त दोपहर 12 बजे से 28 अगस्त रात 12 बजे तक रोडवेज की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। इसके चलते बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और अन्य शहरों में भाइयों को राखी बांधने के लिए निकलीं। दोपहर बाद बस अड्डों पर भीड़ और बढ़ गई। पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने के कारण महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ा।
बस आते ही चढ़ने के लिए मची होड़ चंडीगढ़ से यमुनानगर पहुंची रोडवेज बस के कंडक्टर ने बताया कि बस में करीब 100 यात्री सवार थे। बस में क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण महिलाओं को बैठने की जगह तो दूर, खड़े होकर सफर करने में भी परेशानी हुई। बस से उतरने वाली महिलाओं ने बताया कि अत्यधिक भीड़ के कारण बस के अंदर उमस और गर्मी से हालत खराब रही। बस में चढ़ने के दौरान भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। बस अड्डे पर व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी नजर नहीं आई।
कम बसों से हुई दिक्कत
जठलाना गांव निवासी कविता ने बताया कि वह भाई को राखी बांधने के लिए हरिद्वार जा रही हैं। बसों में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए बसों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि महिलाओं को परेशानी न हो।
घंटों इंतजार किया
छोटी लाइन निवासी सीमा ने बताया कि वह भाई को राखी बांधने के लिए सहारनपुर जा रही हैं। बस अड्डे पर पर्याप्त बसें नहीं मिलने से घंटों इंतजार करना पड़ा। जिस बस में चढ़ने का प्रयास किया, उसमें पहले से ही काफी भीड़ थी।
क्षमता से दोगुना यात्री
सरोज बाला ने बताया कि वह सूडपुर गांव से यमुनानगर बस अड्डे पर आई थी। बस में अत्यधिक भीड़ के कारण सफर मुश्किल रहा। बस में क्षमता से दोगुना यात्री सवार थे, जबकि बस में करीब 52 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है।
भीड़ से परेशानी हुई
संगीता ने बताया कि वह इंद्री से नत्थनपुर जा रही हैं। यमुनानगर बस स्टैंड पर काफी भीड़ होने के कारण उन्हें परेशानी हुई। महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के साथ रोडवेज बसों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए।
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते लोग। संवाद
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते लोग। संवाद
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते लोग। संवाद
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते लोग। संवाद
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते लोग। संवाद
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते लोग। संवाद
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की करते लोग। संवाद