यमुनानगर।
शहर के प्रमुख मीराबाई बाजार जलभराव होने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है।
करीब 350 दुकानों वाले इस बाजार में लेडीज सूट, ड्रेस मटेरियल, साड़ियां, रेडीमेड गारमेंट्स, बच्चों के कपड़े, कॉस्मेटिक्स, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, बैग और फुटवियर सहित हर तरह का सामान किफायती दामों पर उपलब्ध है। यहां आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां खरीदारी करने पहुंचते हैं।
बाजार के प्रधान प्रेम सागर शर्मा बतााय कि बारिश के दौरान पानी भर जाने से ग्राहक बाजार में आने से कतराते हैं। पानी की निकासी का स्थायी समाधान हो जाए तो बाजार की रौनक फिर लौट सकती है। प्रवीण कुमार ने कहा कि मीराबाई बाजार सस्ते और बेहतर सामान के लिए जाना जाता है। बारिश के कारण ग्राहक कम पहुंच रहे हैं, जिससेबिक्री प्रभावित हो रही है।
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परमजीत सिंह ने बताया कि आसपास के जिलों से भी लोग खरीदारी के लिए आते हैं, लेकिन जलभराव देखकर कई ग्राहक लौट जाते हैं। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजकुमार ने कहा कि बारिश के समय बाजार की सबसे बड़ी समस्या पानी का जमा होना है। यदि निकासी की उचित व्यवस्था हो जाए तो व्यापार सामान्य रूप से चलता रहेगा।
सुशील कुमार बिल्ला ने कहा कि पानी भरने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे खरीदारी प्रभावित होती है। मदन नरूला ने कहा कि कई दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह ग्राहकों की दैनिक आवाजाही पर निर्भर है। जलभराव के कारण बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
बबल विजय मांगा, श्याम सुंदर मित्तल, सतवंत कौर, सुभाष पटिया ने बताया कि बारिश के दिनों में सुनसान माहौल व्यापारियों की चिंता बढ़ा देता है। महिलाओं की खरीदारी के लिए यह प्रमुख बाजार है, लेकिन पानी भरे होने से परिवार बाजार आने से बचते हैं। इससे दुकानों की बिक्री प्रभावित हो रही है। मीराबाई बाजार शहर की पहचान है। प्रशासन को जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।