संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के लोगों में महाशिवरात्रि पर्व का भारी उत्साह है। पौराणिक व ऐतिहासिक मंदिरों के साथ सभी शिवालयों को सजाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर भोर पहर से ही मंदिरों में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। वहीं जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी पौराणिक व ऐतिहासिक मंदिरों में पुलिस बल तैनात रहेगा और साधारण कपड़ों में पुलिस कर्मचारी निगरानी करेंगे।
कलेसर स्थित कालेश्वर महादेव मठ, व्यासपुर आदिबद्री केदारनाथ मंदिर, भाटली स्थित स्वयं-भू शिव मंदिर, बूड़िया स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर, अमादलपुर सूर्यकुंड मंदिर, रादौर मैदानेश्वर महादेव मंदिर पौराणिक व ऐतिहासिक मंदिर है। इन मंदिरों में महाशिवरात्रि व सावन पर श्रद्धालुओं की भारी उमड़ती है।
महाशिवरात्रि पर इन मंदिरों में अभिषेक करने के लिए दो-दो किलोमीटर लंबी लाइन लग जाती है। मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचने लगते हैं। ऐसे में इन मंदिरों के अंदर व बाहर पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया है। इसके साथ मंदिर प्रबंधक समिति की ओर से भी सेवादारों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा जगाधरी देवीभवन मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित श्रीमूर्ति देवी मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, चिट्टा मंदिर अन्य प्राचीन व प्रसिद्ध मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालु निर्विघ्न दर्शन कर सकें। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने मंदिरों का निरीक्षण किया और प्रबंधक समिति पदाधिकारियों से इसे लेकर रणनीति बनाई है।
जिले के पांचों पौराणिक मंदिरों के बाहर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। हाईवे व सड़कों पर बैरिकेड़िग कर यातायात व्यवस्था नियंत्रित की जा रही है, ताकि आने-जाने लोगों व श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। थाना प्रभारियों को अपने इलाके में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि पौराणिक व ऐतिहासकि मंदिरों में पुलिस की तैनाती रहेगी और बाहर यातायात पुलिस व्यवस्था संभालेगी। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर प्रबंध किए गए हैं। साधारण कपड़ों में पुलिस कर्मी मंदिरों के आसपास तैनात रहकर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और संदिग्धों पर नजर रखेंगे।
शिवरात्रि के उपलक्षय में सजाया गया भाटली का प्राचीन स्वयंभू शिव मंदिर। संवाद