अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/बिलासपुर। गांव मलिकपुर बांगर के समीप लगते जंगल में शनिवार सुबह खेतों में शिकार के लिए लगाई फंदी में मादा तेंदूए के फंस जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों से सूचना पाकर पहुंची वाइल्ड लाइफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद फंदी से निकाल तेंदुए को पिंजरे में डाला। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तेंदुए को देखने के लिए सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुटे रहे।
वन विभाग के इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि गांव मलिकपुर बांगर के समीप गांव कुड़ावाला जाने मार्ग पर गांव कुड़ावाले के किसान के खेतों में फंदी लगी हुई थी। रात को शिकार की तलाश में मादा तेंदुआ जंगल से खेतों की ओर आया और उस फंदी में उसका पैर फंस गया। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो उन्होंने फंदी में तेंदुए को फंसा देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन्य जीव विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पंचकूला से डिवीजनल वाइल्ड लाइफ आफिसर शिव सिंह रावत, इंस्पेक्टर जयदेव, सुल्तान सिंह, जयदेव सिंह, डॉ. नैन, डॉ. नरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने फंदी में फंसे तेंदुए को सबसे पहले इंजेक्शन लगाया। इसके प्रभाव से तेंदुआ बेहोश हो गया और उसे करीब तीन घंटे की मशक्कत कर फंदी से निकाल कर पिंजरे में डाल लिया गया।
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चार साल का मादा तेंदुआ, पिपली के चिड़ियाघर में भेजा:
वन विभाग के इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि तेंदुआ मादा है, जिसकी उम्र करीब चार साल है। मादा तेंदुए का अगला दाया पैर फंदी में आने से थोड़ा जख्मी हुआ है, जो थोड़े उपचार के पश्चात ठीक हो जाएगा। मादा तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ है, जिसे फंदी से निकाल कर पिपली स्थित चिड़ियाघर में भेज दिया गया है।
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नर तेंदुए के साथ बच्चों के होने का भी अंदेशा: वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो मादा तेंदुए के अलावा क्षेत्र में नर तेंदुआ व उनके बच्चे भी हो सकते हैं। ग्रामीणों को भी इस बारे में आगह कर दिया गया है वहीं, विभागीय टीमें ंगठित कर आसपास के क्षेत्र में गश्त को बढ़ा दिया गया है और तलाश जारी है।