गुरदीप सिंह सोढ़ी यमुनानगर। हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विरोध करने वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अमृतसर ने भी अप्रत्यक्ष रूप से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में ताल ठोक दी है। प्रदेश की सभी 40 वार्डों में एसजीपीसी समर्पित उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
इनमें से 19 सीटों पर हरियाणा सिख पंथक दल के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि 10 सीटों पर किसान जत्थेबंदियों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। शेष 11 सीटों पर गुरु सिंह सभाओं और धार्मिक जत्थे बंदियों से जुड़े प्रत्याशी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनने से पहले प्रदेश के सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों की सेवा संभाल एसजीपीसी के अधीन थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हरियाणा की अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनने के बाद प्रदेश के गुरुद्वारों की सेवा संभाल हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को दे दी गई। एसजीपीसी की मंशा हरियाणा के गुरुद्वारों पर अपने नुमाइंदों को काबिज करने की हैं। कानूनी तौर पर हरियाणा की अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनने के बाद एसजीपीसी सीधे तौर पर चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकती। ऐसे में अब हरियाणा सिख पंथक दल के नाम से चुनाव लड़ा जा रहा है।
इसलिए एचएसजीपीसी चुनाव के लिए हरियाणा सिख पंथक दल ने किसानों और धार्मिक जत्थे बंदियों के साथ समझौता किया है। शंभु और खनौरी बार्डर पर एक साल से धरने पर बैठे पंजाब के किसानों को हरियाणा के सिख किसानों का भी समर्थन हासिल है। एचएसजीपीसी चुनाव में बड़ी संख्या में हरियाणा के सिख किसान भी मतदाता भी शामिल हैं। इसके मद्देनजर हरियाणा सिख पंथक दल ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में हरियाणा के किसान नेताओं को भी अपना समर्थन देकर चुनाव मैदान में उतार दिया है। ये नेता एकता दल के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं। प्रदेश के 40 में से 10 वार्डों में एकता दल के प्रत्याशी हैं। इनके अलावा प्रदेश की धार्मिक सिख जत्थे बंदियों और गुरु सिंह सभाओं से जुड़े 11 प्रत्याशियों को हरियाणा सिख पंथक दल ने समर्थन दिया है। संवाद
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ