यमुनानगर। ई-टिकट मशीन लागू होने के बाद भी हरियाणा रोडवेज के कुछ कंडक्टर भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रहे। दरअसल यमुनानगर रोडवेज की जीएम, टीएम और स्पेशल फ्लाइंग ने हरियाणा के अलग-अलग जिलों के सात कंडक्टरों को चेकिंग के दौरान यात्रियों से बिना टिकट दिए यात्रा करना पाया गया है।
मामले में डिपो के साथ-साथ मुख्यालय पर रिपोर्ट भेजने के बाद अब विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। ऐसे में इन कंडक्टरों पर कभी भी मुख्यालय से चार्जशीट के ऑर्डर निकल सकते हैं। वहीं पकड़े गए फ्रॉड केसों से साफ हो गया कि कर्मचारी कितनी ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
बिना टिकट काटे ही यात्रियों को सफर करवाकर सरकार को चपत लगा रहे हैं जबकि विभाग व सरकार की ओर से सख्त आदेश हैं कि वह अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ निभाएं। यमुनानगर रोडवेज के आंकड़ों के अनुसार सात कंडक्टरों से स्थानीय जीएम फ्लाइंग ने 165, 95, 560, टीएम टीम ने 85, 730 व 70 तथा स्पेशल फ्लाइंग (झोटा फ्लाइंग) ने 35 ने कुल 1740 रुपये पकड़े गए हैं। हालांकि राशि छोटी है, लेकिन यात्रियों से पैसे लेकर बिना टिकट के यात्रा कराना कानूनी जुर्म है। यह धोखाधड़ी के केस में आता है।
दरअसल बेटिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए रोडवेज की ओर से इंस्पेक्टर लेवल के कर्मचारियों ने मुहिम चलाई हुई है। विभाग के अनुसार कंडक्टरों द्वारा यात्रियों से पैसे लेकर उन्हें टिकट न देने की शिकायत मिल रही थी। ऐसे कंडक्टरों को पकड़ने के लिए डिपो की ओर से चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सात फ्रॉड केस मिले। संवाद
बर्खास्तगी, कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान
पकड़े गए फ्रॉड केस में नियम 7 व 8 के तहत चार्ज सीट की जाती है। ऐसे में हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर की धोखाधड़ी के मामले में जुर्माने का प्रावधान है। यदि कोई कंडक्टर यात्रियों से पैसे लेकर टिकट नहीं देता है या किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है, और उसे नौकरी से भी निकाला जा सकता है। इसके अलावा, उसे कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। कंडक्टर को कुछ समय के लिए निलंबित किया जा सकता है, या उसे नौकरी से भी निकाला जा सकता है।
हमारी टीम लगातार काम कर रही है। हमने अलग-अलग डिपो की बसों की चेकिंग कर सात कंडक्टरों को पकड़ा है. जो यात्रियों से पैसे लेकर बिना टिकट के यात्रा करा रहे थे। उनके डिपो व मुख्यालय को इस संबंध में रिपोर्ट कर दी गई। अगली कार्रवाई अब वहीं से होगी। - संजय रावल, महाप्रबंधक, रोडवेज यमुनानगर।