जगाधरी। खेल नर्सरियों के लिए चल रहा खिलाड़ियों का इंतजार खत्म हो गया है। विभाग की ओर से जिले को 35 खेल नर्सरियां चलाने की अनुमति दी गई है। इस बार 29 राजकीय और छह निजी संस्थानों को नर्सरियां चलाने की अनुमति दी गई है।
खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण लेने के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल से किया जाएगा। तीन अप्रैल को ही ट्रायल के तुरंत बाद खिलाड़ियों को दाखिला दिया जाएगा। नर्सरियों का कार्यक्रम एक अप्रैल से 31 जनवरी तक कुल दस महीने का होता है। मुख्यालय और जिला विभाग की ओर से अनुमति पाने वाले संस्थानों को सूचित कर ट्रायल के आदेश जारी किए हैं।
नर्सरियों के लिए खिलाड़ियों का चयन सुबह नौ बजे संबंधी नर्सरी में ही लिए जाएंगे। चयन प्रक्रिया के बाद चार अप्रैल से सभी खिलड़ियों की नर्सरियों में हाजिरी शुरू कर दी जाएगी, ताकि 22 दिन की उपस्थिति की शर्त पूरी की जा सके। 22 दिन की उपस्थिति होने पर ही खिलाड़ियों को खुराक भत्ता जारी किया जाएगा।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पांच नर्सरियां अधिक मिली है। पिछले वर्ष कुल 30 नर्सरियां मिली थीं, जिसमें दो संचालित नहीं हो पाई और शेष कुछ दिन बाद हो गई। इसके बाद जिले में कुल 25 नर्सरियां ही संचलित की गई थीं। वहीं, इस बार नर्सरियों की कीमत 35 है, तो इससे खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ेगी। इससे प्रतिभाएं और भी निखर कर सामने आएंगी।
बता दें कि खेल नर्सरियां चलाने के लिए इस बार जिले से कुल 135 संस्थानों ने आवेदन किया था, जिसमें से 35 को अनुमति दी गई है। वहीं, पिछले वर्ष कुल 122 संस्थानों ने आवेदन किया गया था, जिसमें से 30 का चयन किया गया था।
सबसे ज्यादा वालीबॉल की नर्सरियां : जिले में कुल 35 नर्सरियां इस बार संचालित की जाएंगी। इसमें सबसे ज्यादा नर्सरियां वालीबॉल की है। इस बार वालीबॉल की कुल पांच नर्सरियों को अनुमति दी गई है।
इसके अलावा फुटबॉल की तीन, तलवारबाजी की तीन, एथलेटिक्स की तीन, योगा की दो नर्सरियां संचालित होंगी। इसके साथ जिले को स्वीमिंग, टेबल-टेनिस, खो-खो, शूटिंग, वेटलिफ्टिंग, बॉस्केटबॉल, बॉक्सिंग, साइकिलिंग, क्रिकेट, कराटे, जूडो, बेसबॉल, कबड्डी, जिमनास्टिक, घुड़सवारी व नेटबॉल की एक-एक नर्सरी मिली है। इनमें स्वीमिंग, शूटिंग, जिमनास्टिक, जूडो, बेसबॉल और घुड़सवारी की नर्सरियां निजी संस्थानों को दी गई है। संवाद