संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के वार्ड नंबर-7 के सबसे विकसित सेक्टर-17 केवल नाम का है, जबकि हकीकत यह है कि यहां पर समस्याएं अपार हैं। इस कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। सेक्टर की कुछ हिस्से को छोड़ अन्य में एक साधारण कॉलोनी जैसे हाल हैं। बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां, अंधेरे में डूबी गलियां, टूटी स्ट्रीट लाइट, तिरछे खंडे और उस पर झूलते मीटर सेक्टर-17 की पहचान बनते जा रहे हैं।
इस कॉलोनी की यह हालात तब है जब यहां विभिन्न विभागों के आला अधिकारी, न्यायाधीश, उद्योगपति रहते हैं। यह क्षेत्र जिले के सबसे ज्यादा महंगा क्षेत्र है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हालात खस्ता हैं। यहां तक की सेक्टर-17 की मार्केट में बने शौचालय भी खस्ताहाल है। टूटे दरवाजे वाले लंबे समय से जाम शौचालय का इस्तेमाल करना बीमारियों को न्योता देना है।
इसके अलावा सेक्टर के अंदर की गलियों में गंदगी, सड़क पर जमा पानी भी लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। इसके लिए लोगों ने कई बार शिकायत की, परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। पहले सेक्टर के विकास कार्य हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पास थे। करीब तीन साल से सेक्टर की सड़कें, लाइट, निकासी, सफाई इत्यादि कार्य नगर निगम के पास चले गए थे। इसके बाद हालात और भी ज्यादा खराब हो गए हैं।
सेक्टर निवासी गगन कुमार, सतपाल कौशिक, आरएस शर्मा, प्रदीप कुमार ने बताया कि पहले वेलफेयर सोसायटी न होने के कारण कई तरह की परेशानी आ रही थी। सात साल बाद अब नया वेलफेयर प्रधान चुन लिया गया है। लोग अपनी शिकायतें व समस्याएं लेकर उनके पास पहुंच रहे हैं। प्रधान देवेंद्र राणा ने कहा कि सेक्टर की समस्याओं का समाधान करवाया जा रहा है। कमियां दूर करवाने के लिए काम किए जा रहे हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। अधिकारियों की उदासीनता के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सेक्टर-17 की मार्केट का शौचालय दोबारा बनाया जाएगा। पहले से बना शौचालय जर्जर हो गया है। इसके सफाई, स्ट्रीट लाइट इत्यादि की समस्या का समाधान जल्द ही करवा दिया जाएग। - सुमन बहमनी, महापौर यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।
मार्केट में बने शौचालय पर लगा ताला। संवाद
मार्केट में बने शौचालय पर लगा ताला। संवाद