यमुनानगर। नगर निगम की ओर से संपत्ति कर के बकायेदारों को जारी संपत्ति सीलिंग की चेतावनी के नोटिस कागजी साबित होते दिख रहे हैं। क्योंकि अधिकांश बकायेदारों को भेजे नोटिस में बकाया राशि भरने के लिए दी गई अवधि पूरी हो चुकी है, बावजूद इसके बकाया राशि का भुगतान न करने वाले बकायेदारों की संपत्ति पर सीलिंग जैसी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम यमुनानगर जगाधरी के अंतर्गत करीब 2600 संपत्ति मालिक हैं, जिन पर संपत्ति कर के लगभग 90 करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें खाली प्लॉट, मकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व औद्योगिक इकाइयां व अन्य संस्थान शामिल हैं। इनमें दस लाख रुपये से अधिक के बकायादार 130 और पांच लाख से दस लाख रुपये तक के बकायादार 196 संपत्ति मालिकों को नगर निगम ने अंतिम नोटिस जारी किए थे, जिन पर 48.25 करोड़ का संपत्ति कर बकाया बताए गए थे। इनमें पांच लाख रुपये से दस लाख रुपये तक के बकायेदारों पर 13.42 करोड़ रुपये और दस लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों पर लगभग 34.83 करोड़ रुपये बकाया बताए गए। इसके अलावा एक से दो लाख रुपये तक की राशि के 1368 और दो से पांच लाख रुपये 927 संपत्ति मालिक भी बकायेदारों की सूची बनी। इन 2295 बकायेदारों पर 45.85 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया बताए गए। इन्हें भी नगर निगम ने संपत्ति सीलिंग की चेतावनी के नोटिस दिए थे। अधिकांश संपत्ति मालिकों को जारी नोटिस में बकाया राशि भुगतान करने की अवधि पूरी हो चुकी है, तब भी निगम की ओर से कार्रवाई नहीं हो रही।