संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम की ऐसी दुकानों के किरायेदारों को नोटिस जारी होंगे, जो लंबे समय से नगर निगम को किराये का भुगतान नहीं कर रहे। फिलहाल ऐसे 60 किरायेदारों की सूची तैयार की गई है, जिन पर नगर निगम का करीब ढाई करोड़ रुपये रेंट का बकाया है। नोटिस में दिए गए समय पर किराये का भुगतान न करने पर दुकानें सील की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की 1500 दुकानें हैं, जिनसे आने वाला किराया नगर निगम की आय का बड़ा स्रोत है। वर्षों पुरानी दुकानों का हर माह का किराया एक-दो हजार रुपये तक है। इसके बाद भी किरायेदार नगर निगम को किराये का भुगतान नहीं कर रहे। कई किरायेदारों की तरफ लाखों रुपये का किराया बकाया है।
नगर निगम की ओर से वर्ष-2024 में भी नोटिस जारी किए गए थे, पर कार्रवाई पहले लोकसभा फिर विधानसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता के कारण नहीं हुई। नए साल 2025 में नगर निगम की ओर से दोबारा नोटिस की कार्रवाई शुरू की जा रही है। इसके तहत अफसरों ने 60 किरायेदारों की सूची तैयार की है, जिन पर नगर निगम का करीब ढाई करोड़ रेंट बकाया है।
शहर में सफाई, स्ट्रीट लाइट, निकासी सहित अन्य व्यवस्थाओं सहित विभिन्न योजनाओं में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए नगर निगम को फंड की जरूरत होती है। साथ ही नगर निगम के स्टाफ के वेतन व अन्य भत्तों का भी खर्च है। इसलिए नगर निगम की आय के संपत्ति कर व रेंट जैसे बड़े स्रोत से ज्यादा से ज्यादा रिकवरी जरूरी है। इसी कारण नगर निगम अफसरों की ओर से जागरूकता के साथ नोटिस कार्रवाई की जा रही है।