यमुनानगर। कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने पर करीब दो महीने बाद वीरवार को पूर्ण क्षमता के साथ सभी कक्षाओं के लिए स्कूल खोले गए। वीरवार को पहली से नौवीं कक्षा के विद्यार्थी अभिभावकों की अनुमति पत्र के साथ स्कूल पहुंचे। स्कूल पहुंचने पर सबसे पहले उनका शारीरिक तापमान जांचा गया। इसके बाद अभिभावकों के अनुमति पत्र देखकर उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया गया है। जबकि दसवीं से 12वीं कक्षाओं के लिए स्कूल पहले ही खोल दिए गए थे। पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। वहीं इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी की टीमों ने स्कूलों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।
जिले में पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कुल संख्या 111263 है। जिसमें से 15935 विद्यार्थी खंड बिलासपुर, 29307 खंड छछरौली में हैं। जबकि यमुनानगर जगाधरी में कुल 36512 विद्यार्थी हैं। वहीं मुस्तफाबाद में 9020, रादौर में 11966 और साढौरा में 8523 विद्यार्थी हैं। वीरवार को बिलासपुर में 2505, छछरौली में 7234, यमुनानगर जगाधरी 4551, मुस्तफाबाद में 1573, रादौर में 1906 और साढौरा में 1249 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।
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अधिकारियों ने किया स्कूलों का निरीक्षण
पूरी क्षमता के साथ स्कूल खुलने के साथ ही अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था जांची। अधिकारियों ने स्कूल प्रभारियों को विद्यार्थियों की उपस्थिति व तापमान अवसर एप पर नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। वहीं स्कूल में कोरोना से बचाव की सरकारी व विभाग द्वारा जारी नियमावली के अनुसार प्रबंध पूरे रखने के निर्देश दिए।
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सरकार के निर्देशानुसार पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोल दिए गए हैं। सभी स्कूलों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी प्रबंध किए गए हैं। स्कूलों की व्यवस्था जांचने के लिए जिला कार्यालय की ओर से टीमें गठित की गई हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सजग है।
सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी।
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ऑनलाइन कक्षाओं से नहीं आएगी दिक्कत
रादौर। कोरोना का प्रभाव लगातार कम हो रहा है। जिसके बाद वीरवार से पहली से नौवीं तक की कक्षाओं के स्कूल खोल दिए गए। पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या में काफी कम रही, लेकिन जो विद्यार्थी स्कूल पहुंचे, वे काफी उत्साहित नजर आए। सरकारी स्कूल छोटाबांस में भी विद्यार्थियों का शारीरिक तापमान जांचने के बाद उन्हें स्कूल में प्रवेश दिया गया।
छात्रा अंजलि ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं के कारण उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ती थी, जो अब स्कूल खुलने से उन्हें नहीं आएगी। छोटाबांस के सरकारी स्कूल के अध्यापक जसविंद्र सिंह ने बताया कि उनके स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या करीब साढ़े तीन सौ है, लेकिन इस दौरान उपस्थिति काफी कम रही। उन्होंने बताया की सभी विद्यार्थियों को कोरोना नियमों के पालन व उनके अभिभावकों की अनुमति के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया गया है। उन्होंने बताया की ऑनलाइन शिक्षा में काफी दिक्कत थी, छोटे बच्चों को अच्छे से नहीं समझाया जा सकता था, जितना अब कक्षा में अच्छे से सीख पाएंगे। कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं में भी अध्यापकों ने पूरी कोशिश की है कि वे उन तक पूरी जानकारी व सामग्री पहुंचा सकें।
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