संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग ने सभी अधिकारियों व शिक्षकों की जिम्मेदारी लगाई है। इसके लिए इसके लिए प्रदेशभर में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। अभियान में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्कूलों के मुखियाओं की वित्तीय शक्तियां बढ़ाई गई हैं।
इसके तहत सभी स्कूल नामांकन अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए स्वयं से राशि खर्च कर सकेंगे। इसके लिए अधिकारियों की अनुमति का स्कूलों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद ने इसके लिए स्कूलों मुखियाओं को पांच हजार रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी है।
इसके लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक सहित सभी अधिकारियों को पत्र जारी किया है। जिसमें स्कूल प्राचार्याें व मुखियाओं की नामांकन अभियान के लिए पांच हजार रुपये की वित्तीय शक्ति देने के आदेश हैं। नामांकन अभियान के तहत शिक्षकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अभियान के लिए प्रचार सामग्री व अन्य सामानों की आवश्यकता के लिए प्राचार्यों को अनुमति लेनी पड़ रही थी। जिसमें समय लगता था और काम में देरी हो रही थी। निदेशालय ने स्कूलों को दी वित्तीय शक्तियों में केवल नामांकन अभियान प्रचार-प्रसार के खर्च की अनुमति दी गई है। इसके अलावा अन्य किसी कार्यक्रम में स्कूल इस राशि का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
अभियान के दौरान ज्यादा खर्च की जिला शिक्षा सदन कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। वहीं स्कूल मुखियाओं को नामांकन अभियान में खर्च की राशि का पूरा ब्योरा रखना होगा। जिसकी जिला कार्यालय व निदेशालय की ओर से भी समीक्षा भी की जा सकती है। स्कूलों को यह राशि प्रचार सामग्री तैयार करने, शिक्षक अभिभावक बैठक (पीटीएम) और इसकी रिफ्रेशमेंट, पोस्टर, बैनर बनवाने, रैली निकलवाने के लिए खर्च किए जाएंगे।
राजकीय अध्यापक संघ के जिला प्रधान महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि निदेशालय ने नामांकन अभियान की सफलता के लिए अच्छा कदम उठाया है। इससे शिक्षकों अपने क्षेत्र के अनुसार रणनीति बनाकर प्रचार-प्रसार कर सकेंगे। इससे नामांकन प्रक्रिया में तेजी आएगी और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा होगा।
नामांकन अभियान में प्रचार-प्रसार के लिए स्कूलों को अपने स्तर पर पांच हजार रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से पत्र जारी किया गया है। स्कूल अभियान के लिए प्रचार सामग्री व जीरो ड्रॉपऑउट के लिए प्रचार प्रसार के लिए खर्च कर सकेंगे। - धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।