व्यासपुर। सरकार की ओर से अनुसूचित जाति के लोगों के जाति प्रमाणपत्र में जाति का नाम बदलकर मेघवाल किए जाने की घोषणा के विरोध में एससी समाज में रोष है। इसके लिए आंबेडकर भवन में बुधवार को समाज के लोगों की सभा हुई। इसमें काफी संख्या में महिलाएं भी पहुंची। सभा में सरकार से जाति का नाम पहले की तरह ही रखने की मांग की गई।
कांग्रेस नेत्री उषा कमल ने समाज के लोगों के साथ तहसीलदार के जरिये मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सभा में वक्ताओं ने कहा कि जाति समाज की पहचान, स्वाभिमान और इतिहास से जुड़ी होती है। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर जाति के नाम में किसी तरह का बदलाव नहीं करने और निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। सत्संग रविदास मंदिर के सेवक दाता राम ने कहा कि केवल जाति का नाम बदलने से जातिगत भेदभाव समाप्त नहीं हो सकता। इसके लिए लोगों की सोच बदलना जरूरी है। फूलचंद ने कहा कि समाज को अपने प्रचलित जाति नाम से कोई आपत्ति नहीं है। जाति का नाम बदलने से इतिहास व पहचान नहीं बदलती। कोई भी निर्णय लेने से पहले समाज के लोगों की भावनाओं और राय को ध्यान में रखना चाहिए।
समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो एससी समाज सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा। इस दौरान इंद्रजीत जोली, नील पाल, सिया राम, प्रदीप नेहरा, निर्मल ककड़ोनी, नाथी राम, धर्मपाल मुंडेखेड़ा, रवि कुमार आदि उपस्थित रहे।