संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला परिषद की तरफ से सभी ग्राम पंचायत के चुने हुए सरपंचों के लिए पंचायती राज संस्थान के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान के तहत दो दिवसीय रिफ्रेशर कम ओरियंटेशन कोर्स शुरू किया गया। यह कोर्स तीन जून तक जिला परिषद ट्रेनिंग हॉल जगाधरी में चलेगा। वीरवार को बिलासपुर खंड के 47 सरपंचों की ट्रेनिंग की अध्यक्षता का जिला परिषद के सीईओ वीरेंद्र सिंह ढुल ने की।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिला सलाहकार रजनी गोयल ने ग्राम पंचायतों का ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी। ग्राम पंचायतों की जल वितरण प्रणाली की भूमिका के बारे में बताया कि समिति को किसी भी अवैध कनेक्शन, अस्वच्छ कनेक्शन को काटने, जुर्माना लगाने और कनेक्शन को नियमित करने का अधिकार है।
जल एक सीमित संसाधन है जिसको बनाया नहीं जा सकता सिर्फ बचाया जा सकता है। जल संसाधनों की कमी प्राकृतिक वातावरण को भी खराब करती है। पानी के बिना कोई भी प्राणी जीवित नहीं रह सकता, इसलिए हम सभी का नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम जरूर के अनुसार ही पानी का इस्तेमाल करें। पानी को कहीं भी व्यर्थ न बहने दें।
सरपंचाें को विभागीय वेबसाइट पर ग्राम पंचायत की टेलीफोन डायरेक्टरी भी दिखाई गई। जनस्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 के बारे बताया गया। ग्राम जल वितरण प्रणाली के रखरखाव हेतु ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की संचालन पुस्तिका भी वितरित की गई। सभी को जल संरक्षण की शपथ भी दिलवाई गई। रिसोर्स पर्सन मुकेश शर्मा ने पंचायती राज एवं उसकी विशेषताएं, मूल्यांकन के बारे में विस्तार से बताया। मौके पर एसडीओ पंचायती राजेश शर्मा, डॉ. अनूप, डीपीएम बलिंद्र कटारिया, डीपीएम देवेंद्र शर्मा, डीपीएम राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान तृप्ति, एडीपीएम नेहा चुघ, युवराज भी मौजूद रहे।