संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। ई-टेंडरिंग व रिकॉल के विरोध में ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन की ओर से चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन प्रधान पम्मी खेड़की के नेतृत्व में सरपंचों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया।
प्रधान पम्मी खेड़की ने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ईं टेंडरिंग के माध्यम से सरकार पंचायती राज को खत्म करना चाहती है। दो लाख रुपये में गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं हो सकते। वहीं रिकॉल का विरोध करते हुए कहा कि रिकॉल को पहले विधायकों व सांसदों पर लागू करना चाहिए। फिर उसके बाद सरपंचों में लागू करे। ग्रामीणों ने जिस उम्मीद के तहत सरपंच पद पर उन्हें नियुक्त किया है, वह 2 लाख रुपये में कैसे पूरी होगी। जिससे गांव पूरी तरह से पिछड़ जाएंगे।
प्रधान पम्मी ने कहा कि ई-टेंडरिंग के माध्यम से सरकार जो काम करना चाह रही है। इससे सरपंचों को भारी दिक्कत का सामना करना पडेगा। सरपंच के हाथों में कुछ नहीं रहेगा। र्ईं टेंडरिंग के माध्यम से ठेकेदार सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना चाहती है। लेकिन सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार उसी दौरान होगा। ठेकेदार सरपंचों की सुनेंगे नहीं। इसके बावजूद विकास की पूरी जिम्मेवारी सरपंचों की होगी। इस अवसर पर सतीश कुमार घिलौर, परमजीत सिंह बापा, छत्तरपाल सिंह झगुडी, बलवान सिंह बैंडी, जोनी कुमार हिरन छप्पर, मांगेराम कंडरौली, सुभाष सैनी खुर्दबन, रोहित बापौली, उधम सिंह रादौरी, रणजीत भगवानगढ़, बलराम सैनी टोपराकला, बलबीर सिंह पलाका, राजेश कुमार अमलोहा, राजेंद्र कुमार इस्माइलपुर, नैब सिंह सांगीपुर, संजीव कुमार खजूरी, पवन कुमार छारी, मोहित कुमार उन्हेड़ी, बलविंदर बरसान, दीप कुमार मसाना रांगडान, नरेंद्र कांबोज सिली खुर्द, राजेंद्र कुमार, सिकंदरा, कुलदीप रपड़ी आदि मौजूद रहे।