यमुनानगर। जिले की 489 ग्राम पंचायतों में अब विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। प्रदेश सरकार ने सरपंचों को गांव में पांच लाख रुपये तक के विकास कार्य बिना टेंडर कराने की पावर दी थी। इस संबंध में विकास एवं पंचायत विभाग के एसीएस ने पत्र जारी कर दिया। पत्र के अनुसार कोई भी सरपंच पांच लाख रुपये तक के केवल पांच कार्य ही बिना टेंडर के करवा सकेगा। इस तरह 25 लाख रुपये तक के कार्य ही सरपंच बिना टेंडर के करवा सकेंगे। यदि इससे ज्यादा के कार्य कराने हैं तो टेंडर प्रक्रिया को अपनाना होगा।
विकास एवं पंचायत विभाग की तरफ से ग्रांट खर्च करने का जो पत्र जारी हुआ है इससे सरपंचों को काफी राहत मिली है। क्योंकि बिना पत्र के सरपंच गांव में पांच लाख रुपये तक के कार्य नहीं करवा पा रहे थे। केवल छोटे-मोटे काम ही हो रहे थे। बिना टेंडर के कार्य कराने को लेकर सरपंच अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे थे लेकिन हर बार उन्हें केवल एक ही जवाब मिलता था कि अभी इस संबंध में विभाग ने पत्र जारी नहीं किया है। गांवों में विकास कार्य करीब सवा दो साल से अटके पड़े हैं। वर्ष 2021 में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने चुनाव कराने में करीब पौने दो साल का समय लगा दिया।
चुनाव न होने तक बीडीपीओ को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाया गया था, लेकिन बीडीपीओ ने गांवों में न के बराबर ही काम कराए। ऐसे में अब पत्र जारी होने से अब गांवों में होने वाले विकास को रफ्तार मिलेगी। ज्ञात हो कि सरकार ने पहले 20 लाख रुपये तक के कार्य टेंडर से कराने के आदेश जारी किए थे। जिसे लेकर सरपंचों का सरकार से टकराव हो गया था। सरकार के मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री तक का कई जगह सरपंचों ने विरोध भी किया। सरकार से कई दौर की वार्ता के बाद पांच लाख रुपये तक के कार्य बिना टेंडर कराने पर सहमति बनी थी।
काफी समय से इंतजार था: रीटा
सरपंच एसोसिएशन की जिला प्रधान रीटा ने बताया कि काफी समय से सभी पंचायतों के सरपंच इस पत्र का इंतजार कर रहे थे। अब सरपंच गांव में बड़े कार्य भी करवा सकेंगे। टेंडर प्रकिया से काम कराने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन ठेकेदार द्वारा गलत काम करने पर लोग उसके लिए सरपंच को जिम्मेदार ठहराते। अब गांवों में विकास कार्यों में तेजी आएगी।
पत्र जारी कर दिया है: शंकर लाल
डीडीपीओ शंकर लाल गोयल ने बताया कि पत्र के अनुसार प्रत्येक वित्त वर्ष में सरपंच पांच लाख रुपये तक के पांच कार्य या फिर कुल आमदनी अथवा ग्रांट में से 25 लाख रुपये से कम सरपंच करवा सकेंगे। इस संबंध में विभाग के एसीएस ने पत्र जारी कर दिया है। यह पत्र सभी सरपंचों, ग्राम सचिव व बीडीपीओ को भेज दिया है।