संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खंड जगाधरी के कैत गांव के सरपंच लाल सिंह को उपायुक्त ने निलंबित कर दिया है। उन पर सरपंच पद के नामांकन के दौरान थाने में दर्ज केस की जानकारी छिपाने और मनरेगा का कार्य जेसीबी मशीन से कराने का आरोप है। अब उनसे चार्ज लेकर किसी बहुमत प्राप्त पंच को सौंपा जाएगा।
गांव कैत के सरपंच लाल सिंह के खिलाफ सरपंच पद के प्रत्याशी अनिल कुमार ने ही डीसी से शिकायत की थी। उन्होंने तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री को 28 जुलाई 2023 में शिकायत दी थी। तब इस मामले की जांच एसडीएम जगाधरी द्वारा की गई थी। एसडीएम ने बीडीपीओ जगाधरी, थाना प्रबंधक सदर यमुनानगर से इस बारे में रिपोर्ट ली।
जांच में पता चला कि चुनाव के दौरान मौजूदा सरपंच लाल सिंह ने अपने नोमिनेशन फार्म में पुलिस में मुकदमा दर्ज न होने बारे में जो जानकारी दी, वह भी गलत है। इस पर सरपंच लाल सिंह को अपना पक्ष रखने को कहा तो उन्होंने जवाब दिया था कि चुनाव नामांकन भरते समय उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र लगाया था, परंतु चुनाव आयोग की पुनः जारी हिदायत अनुसार उस प्रमाण पत्र की आवश्यकता न होने पर वह उन्हें वापस दे दिया गया था।
सरपंच की ओर से ठोस तथ्य प्रस्तुत न किए जाने पर डीसी ने लाल सिंह को सरपंच पद से निलंबित कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ लाल सिंह ने अंबाला मंडल आयुक्त न्यायालय में याचिका लगाई थी। परंतु वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। वहां से मामले को दोबारा डीसी के पास जांच के लिए भेज दिया गया।
इसकी जांच एडीसी से करवाई गई। एडीसी की जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। मामले में कार्रवाई करते हुए डीसी ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 (1) (ए) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लाल सिंह को सरंपच पद से हटा दिया। उन्होंने लाल सिंह से पंचायती रिकॉर्ड कब्जे में लेकर बहुमत प्राप्त पंच को देने के आदेश दिए।