संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। खंड के गांव शाहपुर जट्टान में पंचायती भूमि से बिना अनुमति पेड़ उखड़वाने के मामले में प्रशासन ने सरपंच रीना रानी को पद से हटा दिया है। सरपंच पर पंचायती भूमि में खड़े पुराने और नए पेड़ों को जेसीबी से उखड़वाने, काटे गए पेड़ों को मिट्टी में दबाने तथा बरसाती नाले में डालने का आरोप है।
ग्राम सचिव मंगल सिंह ने सरपंच को पद से हटाने की पुष्टि की। गांव निवासी धर्मपाल ने कुछ दिन पहले खंड प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत की करीब चार एकड़ भूमि ज्ञान चंद को एक लाख 16 हजार रुपये में पट्टे पर दी गई है। आरोप था कि सरपंच रीना रानी और पंचायत सचिव मंगल सिंह की मिलीभगत से भूमि पर खड़े पेड़ों की कटाई कराई गई और पेड़ों को जमीन तथा बरसाती नाले में डाल दिया गया।
मामले में पंचायत सचिव मंगल सिंह से जवाब मांगा गया। उन्होंने बताया कि पेड़ों की कटाई की जानकारी उन्हें नहीं थी और कार्य से पहले उनसे किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति भी नहीं ली गई थी। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। वहां पंचायती भूमि पर कई पेड़ जड़ सहित उखड़े हुए और कुछ कटे पेड़ मौके पर पड़े मिले।
अधिकारियों ने सरपंच से मामले में जानकारी मांगी, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद वन विभाग को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। वन विभाग की रिपोर्ट में मौके से करीब 21 पेड़ पाए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 3,484 रुपये आंकी गई। इसके बाद सरपंच रीना रानी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। विभाग के अनुसार सरपंच की ओर से ठोस जवाब नहीं दिया गया।