फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: संस्कृत अध्यापकों ने बताई व्याकरण की बारीकियां

Wed, 19 Nov 2025 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
जगाधरी। जिले के संस्कृत अध्यापकों के लिए विभाग की ओर से तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई है। मंगलवार को कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला तेजली स्थित डाइट में लगाई जा रही है। इसमें जगाधरी व रादौर खंड के राजकीय विद्यालयों के संस्कृत अध्यापकों ने भाग लिया। यह कार्यशाला संस्कृत भाषा के शिक्षण को अधिक प्रभावी, सरल एवं व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से लगाई जा रही है।
विज्ञापन

पहले दिन प्रतिभागियों ने संस्कृत व्याकरण की सूक्ष्मताओं और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम का उद्घाटन डाइट प्रमुख दुष्यंत चहल ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। इसके अध्यापन में व्याकरणिक स्पष्टता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सतत कौशल विकास के लिए ऐसी कार्यशालाएं बेहद उपयोगी और आवश्यक हैं। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने पाणिनीय व्याकरण, धातुपाठ, प्रत्यय-विचार, समास, संधि व भाषा शास्त्रीय दृष्टिकोण जैसे जटिल विषयों को सरल उदाहरणों व व्यावहारिक गतिविधियों से समझाया।
अध्यापकों ने प्रस्तुतियों, समूह-चर्चाओं और अभ्यास सत्रों में प्रश्न पूछे। संस्कृत अध्यापकों ने बताया कि प्रशिक्षण से उनकी शिक्षण पद्धति में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास एवं स्पष्टता का संचार होगा। संस्कृत अध्यापक महेंद्र सिंह कलेर ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं समय-समय पर करवाई जानी चाहिए। इससे संस्कृत शिक्षण और अधिक प्रभावी व समकालीन बनाया जा सकता है। इस दौरान अनिल कांबोज, वीरेंद्र कांबोज, वंदना कांबोज, मीनू कांबोज, भूपेश अरोड़ा, मीनाक्षी अरोड़ा, राकेश धनखड़ सहित अन्यों ने अपने विचार साझा किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें