संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा (यमुनानगर)। पुलिस ने संदीप की हत्या के आरोप में अजय व राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा आरोपी रविंद्र फिलहाल फरार है। यह तीनों ही कस्बा साढौरा के रहने वाले हैं और संदीप के दोस्त रहे हैं। अजय व राहुल ने पुलिस की प्रारंभिक जांच में संदीप की हत्या करने की बात कबूल करने के साथ वारदात में इस्तेमाल किए डंडे बरामद करवाए हैं।
थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया दोनों ने कबूला है कि कुछ दिन पहले संदीप के साथ राहुल का झगड़ा हुआ था। तभी से राहुल को संदीप से रंजिश हो गई थी। कांवड़ यात्रा शुरु होने पर 21 जुलाई की देर शाम को राहुल, अजय व रविंद्र ने षड़यंत्र रचकर संदीप को कांवड़ यात्रा पर जाने के बहाने घर से बुलाया। इसके बाद उसे इंदिरा काॅलोनी के पास खेत में लगे नलकूप के पास ले गए।
वहां चारों ने शराब पी। जब संदीप नशे में धुत हो गया तो राहुल, अजय व रविंद्र ने डंडों व ईंट से संदीप पर हमला कर दिया। इससे संदीप लहूलुहान होकर बेसुध हो गया तो उसे मरा मानकर यह तीनों फरार हो गए। इसी नलकूप के हौद से 22 जुलाई को पुलिस ने रक्तरंजित एक शव बरामद किया था। मृतक की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने सामाजिक संस्था के माध्यम से इसका अंतिम संस्कार करवा दिया था।
गुरु रविदास मंदिर के पास रहने वाली बल देवी 16 अगस्त को अपने बेटे संदीप की गुमशुदगी की सूचना देने थाने आई तो थाने में लगे पोस्टर से शव की पहचान अपने बेटे संदीप के तौर पर की। बल देवी ने बताया कि 21 जुलाई को संदीप के दो दोस्त अजय व रविंद्र उर्फ रवि उसे कांवड़ यात्रा पर जाने के लिए घर से ले गए थे। दो अगस्त को जलाभिषेक के बाद भी संदीप घर वापस नहीं आया।
इस पर बल देवी बेटे संदीप के बारे में जानने के लिए अगले दिन सुबह अजय के घर पहुंची। अजय ने संदीप के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। रविंद्र से पूछने पर उसने भी संदीप के बारे में कुछ नहीं बताया। तब बलदेवी ने अजय व रविंद्र सहित उनके कुछ अन्य साथियों पर संदीप की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने पहले अजय को काबू किया तो उसने इस वारदात में राहुल व रविंद्र की मिलीभगत होने की बात कबूल की। राहुल को भी पुलिस ने काबू कर लिया है। रविंद्र फिलहाल फरार है।