संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के फैसले का भी विरोध जताया गया।
यादविंद्र कांबोज, गुरभजन सिंह और नायब सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में मंडी गेट पर हुए प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड के पुतले फूंके गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया में सत्ता पक्ष के साथ मिलीभगत कर मतदाता सूचियों में मनमाने तरीके से नाम काटे और जोड़े गए।
उन्होंने कहा कि वोट काटने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया का केंद्रीकरण कर चुनाव अधिकारियों की शक्तियां सीमित की गईं। मोर्चा नेताओं ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में 13.8 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं और यह संख्या बढ़कर 16 करोड़ तक हो सकती है।
उन्होंने फॉर्म-6 में बदलाव और नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के लिए पहले वोट नहीं बने होने का घोषणा पत्र देने की शर्त पर भी सवाल उठाए। संयुक्त किसान मोर्चा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और मतदाता सूचियों के आधार पर हुए चुनाव रद्द कर दोबारा कराने की मांग की।
निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बिजली निजीकरण के मुद्दे पर मोर्चा नेताओं ने कहा कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में सार्वजनिक बिजली वितरण व्यवस्था के समानांतर लाइसेंस दिया गया है। इस फैसले से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और भविष्य में निजीकरण का विस्तार अन्य जिलों में भी हो सकता है। प्रदर्शन को धर्मपाल चौहान, महीपाल चमरोड़ी, कुलविंद्र सिंधु, प्यारे लाल तंवर, जसबीर सिंधु, फकीर चंद, कुलवंत सिंह, अरवीन कांबोज, रणबीर बाडी माजरा, विजयपाल, यशपाल चमरोड़ी ने संबोधित किया।