संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी (यमुनानगर)। आश्रम का रास्ता बंद करने विरोध में विभिन्न अखाड़ों, मठों के साधुओं ने मंगलवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। साधुओं ने आरोप लगाया कि आश्रम में आग लगाकर धार्मिक ग्रंथों व देवी देवताओं का अपमान किया गया है। सभी साधु अनाजमंडी में एकत्रित हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में लघु सचिवालय डीसी से मिलने पहुंचे और आरोपी पर कार्रवाई करने के लिए डीसी को शिकायत दी।
महंत तेजवीर सिंह उर्फ महाकाल दास ने कहा कि बिलासपुर के रणजीतपुर में उनका आश्रम है और वहीं पर झोपड़ियां पर भी बना रखी हैं। उनके आश्रम का रास्ता डॉ. रमनीत सिंह बतरा के खेत के साथ निकलता है। उनके पास रास्ते का इंतकाल भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. रमनीत सिंह ने आश्रम आने का रास्ता अपने खेत में मिला लिया है।
आरोपी ने वहां दीवार बनाकर उनके आने का रास्ता बंद कर दिया। आरोपी ने उस रास्ते व दीवार के पास अपने हथियारबंद सुरक्षा कर्मी खड़े किए हैं। सुरक्षा कर्मी उन्हें कई बार धमका चुके हैं। इस बारे उन्होंने डायल 112, रणजीतपुर चौकी पुलिस, डीएसपी बिलासपुर को भी शिकायत दी। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं आरोपी रमनीत सिंह के लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 10 जून को रमनीत व उसके लोगों ने उनके आश्रम में आग लगा दी थी। जिसके चलते धार्मिक ग्रंथ, जरूरी कागजात, शिवलिंग, पूजन सामग्री जलकर खाक हो गई। उन्होंने कहा कि इससे आश्रम की संपत्ति की हानि हुई और ग्रंथ, पूजन सामग्री, मूर्ति इत्यादि जलन से लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंची है।
इस मामले में वह एसपी से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। साधुओं ने डीसी को शिकायत देकर आरोपी पर कार्रवाई, रास्ता खुलवाने व उनकी सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं। जिससे साधुओं में प्रशासन व पुलिस के प्रति भारी रोष है। उन्होंने कि इस मामले की जांच कर आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।