संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त कर्मचारी को निशाना बनाते हुए उनके बैंक खाते से 14 लाख 56 हजार 110 रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
यह घटना 23 और 24 दिसंबर के बीच की बताई जा रही है। पुलिस को दी शिकायत में ग्रीन पार्क निवासी रजनीश कुमार ने बताया कि उसका एसबीआईमें खाता है, जिसमें उनकी रिटायरमेंट की जमा पूंजी थी। खाते में करीब 16 लाख रुपये मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट (एमओडी) के रूप में जमा थे।
23 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध मैसेज आया, जिसमें खाते में बेनिफिशियरी जोड़ने की सूचना दी गई थी। इसके कुछ देर बाद एक टोल-फ्री नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया। आरोपी ने पीड़ित को भरोसे में लेकर कहा कि मैसेज को अनदेखा करने पर खाता ब्लॉक हो सकता है।
झांसे में आकर पीड़ित ने दिए गए निर्देशों का पालन किया, जिसके बाद खाते में एक नया बेनिफिशियरी अकाउंट जोड़ दिया गया। इसके बाद 24 दिसंबर को फिर मैसेज आया कि बेनिफिशियरी सक्रिय हो चुका है और चार दिन के भीतर पांच लाख रुपये तक ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इसके कुछ ही समय बाद पीड़ित के खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 4.95 लाख रुपये दो बार, 29 हजार रुपये, 49,500 रुपये और 12,610 रुपये निकाल लिए गए। मोबाइल पर लगातार कटौती के मैसेज आने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत बैंक शाखा पहुंचकर खाते को ब्लॉक कराया और थाने में पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई।
साइबर क्राइम थाना की टीम बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और खातों की डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि ठगी में अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता।