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Yamuna Nagar News: अमेरिका भेजने के नाम पर दंपती से 1.14 करोड़ हड़पे

Fri, 22 May 2026 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। अमेरिका भेजने के नाम पर दंपती से 1.14 करोड़ों रुपये की ठगी कर ली। व्यासपुर क्षेत्र के गांव पीरूवाला निवासी सुपिंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी सेक्टर-18 जगाधरी निवासी रजनी डांग और गांव कांसापुर निवासी कमरियाब उर्फ टिंकू खान के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जबरन वसूली, आपराधिक साजिश और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।


पुलिस को दी शिकायत में सुपिंद्र सिंह ने बताया कि वह खालसा एग्री इम्पेक्स के नाम से व्यासपुर में दुकान चलाते हैं। करीब दस वर्ष पहले उनकी पहचान रजनी डांग से हुई थी। रजनी ने खुद को लोगों को विदेश भेजने का काम करने वाली बताकर उन्हें और उनकी पत्नी को अमेरिका वर्क परमिट पर भेजने का भरोसा दिया। इसके लिए एक करोड़ रुपये खर्च होने की बात कहकर किस्तों में रकम जमा करवानी शुरू कर दी।
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आरोप है कि उन्होंने अपनी जमीन बेचकर, पत्नी के जेवर गिरवी रखकर और कर्ज लेकर करीब 97 लाख रुपये रजनी को दे दिए। उन्होंने बताया कि रजनी ने अपने परिचित कमरियाब उर्फ टिंकू खान से मिलवाया और 17.50 लाख रुपये निवेश करने पर रकम दोगुनी होने का लालच दिया। टिंकू ने सुरक्षा के तौर पर अपनी संपत्ति के दस्तावेज भी दिए। बाद में पैसे वापस नहीं किए।
आरोप है कि उसने 2.50 लाख रुपये का चेक भी लेकर वापस नहीं दिया। सुपिंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में उन्हें और उनकी पत्नी को कोलकाता स्थित अमेरिकी दूतावास भेजा गया। लेकिन वहां भी वीजा नहीं मिला। जब उन्होंने राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने जान से मारने, झूठे मुकदमों में फंसाने और पुलिस से मिलकर कार्रवाई करने की धमकी दी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी गई शिकायत की जांच के बाद थाना व्यासपुर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
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बैंक खाते खंगाल रही पुलिस

पुलिस अमेरिका भेजने के नाम पर 1.14 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आरोपियों के बैंक खातों और अब तक हुए सभी लेनदेन की विस्तार से पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायतकर्ता से ली गई राशि किन-किन खातों में जमा हुई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। नकद भुगतान और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं। आर्थिक अपराध शाखा की मदद से बैंक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि ठगी की पूरी रकम और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
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