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फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर व्यापारी से मांगे रुपये

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नगर निगम मेयर मदन चौहान व विधायक घनश्यामदास अरोड़ा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके दोस्तों से रुपये मांगे जा रहे है। आरोपी मैसेंजर पर मैसेज कर रुपये मांग रहे है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मीराबाई बाजार के व्यापारी आमिर कुरैशी के पास शनिवार शाम को मेयर मदन चौहान व रविवार को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के नाम से बनी आईडी से मैसेज आए। पता चलते ही मेयर व विधायक ने फर्जी आईडी बनाने वाले पर कार्रवाई के लिए एसपी को शिकायत भेजी। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मीरा बाई बाजार के व्यापारी आमिर कुरैशी ने बताया कि शनिवार शाम सात बजे फेसबुक मैसेंजर पर मेयर के नाम से बनी आईडी से उसके पास मैसेज आया। इसमें उससे मेयर बनकर बात कर रहे व्यक्ति ने पहले उसका हाल पूछा। बाद में उसने एक व्यक्ति को मदद के लिए पैसे की जरूरत है, का मैसेज भेजा। तब वह समझ गया कि मेयर मदन चौहान बनकर कोई फर्जी व्यक्ति बोल रहा है और आईडी भी फेक है। उसके पूछने पर भी आरोपी ने खुद को मेयर साहब बताया। पता चलने पर उसने इस संबंध में मेयर मदन चौहान से बातचीत की। जिसके बाद आईडी फर्जी होने का पता चला। मेयर मदन चौहान की तरफ से इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है।
विधायक के नाम से मांगे 30 हजार रुपये
व्यापारी कुरैशी ने बताया कि इसी तरह रविवार शाम चार बजे विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के नाम से बनी आईडी से उसके पास फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। विधायक की तरफ से रिक्वेस्ट आने पर उसने स्वीकार कर ली। एक घंटे बाद उसी आईडी से मैसेंजर पर मैसेज आने लगे। सामने से मैसेज कर रहे शख्स ने पहले हाल-चाल पूछा और फिर 30 हजार रुपये की जरूरत बताते हुए ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा। फर्जी आईडी होने का शक होने पर उसने विधायक के पीए से बातचीत की और उन्हें फेक आईडी के बारे में बताया।
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दिसंबर माह में भी मेयर की फर्जी आईडी से मांगे गए थे रुपये
मेयर मदन चौहान की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर चार दिसंबर 2020 को भी उनके एक मित्र हन्नी को मैसेंजर पर मैसेज भेज 30 हजार रुपये की मांग की। आरोपी ने मैसेज में एक नंबर लिखकर उस पर गुगल पे करने की बात कही। हन्नी ने इस संबंध में जब मेयर मदन चौहान से बातचीत की तो फेक आईडी का पता चला था। तब मेयर चौहान की तरफ से इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी गई थी। पुलिस ने मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच की। जिस नंबर पर रुपये ट्रांसफर के लिए बोला गया, जांच में वह नंबर दिल्ली में अजय यादव के नाम से मिला था। जबकि गुगल अकाउंट राहुल खन्ना के नाम से बना हुआ है।
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