संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुराना रादौर रोड रेल फाटक पर शहर को दूसरा आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) मिलने जा रहा है। यहां जून से वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। इसके लिए संबंधित विभागों को 31 मई तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। जिसे देखते हुए निर्माण कार्य में तेजी है, जो अंतिम चरण में पहुंच गया है।
अभी रेल ट्रैक पर आरओबी का काम बाकी है, जबकि उसके दोनों ओर लगभग तैयार है। अफसरों की मानें तो तय समय सीमा में आरओबी का निर्माण होगा, जिससे जून में यहां वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (माल गाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट में रेल फाटक बंद कर उनके स्थान पर अंडरपास या आरओबी बनाए जा रहे हैं।
फरवरी 2022 में पुराना रादौर रोड रेल फाटक का रास्ता बंद कर आरओबी का काम शुरू हुआ। इसका एक ढांचा पुराना हमीदा की ओर शुगर मिल गेट से रेल फाटक तक और दूसरा ढांचा पुराना रादौर रोड पर स्टार्च मिल गेट से रेल फाटक तक तैयार है। जिस पर फिनिशिंग का काम चल रहा है।
बकाया रेल ट्रैक पर आरओबी का काम बाकी है, जो माहभर में पूरा होने की संभावना है। डिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अम्बाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता की मानें तो पुराना रादौर रोड रेल फाटक पर आरओबी का काम तय समय सीमा में पूरा होगा।
अभी कई किमी दूर से आने-जाने की मजबूरी
अभी पुराना रादौर रोड रेल फाटक का रास्ता आरओबी के निर्माण के चलते बंद होने से शहर से लोग सहारनपुर कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाने के लिए पांच किलोमीटर दूर चांदपुर आरओबी या दो किमी दूर जमुना गली अंडरपास के रास्ते आते जाते हैं। इसमें उनके 15 से 30 मिनट अतिरिक्त लगते हैं। जमुना गली रेल फाटक के रास्ते बने अंडरपास से मई-2023 से वाहनों की आवाजाही चालू है, पर यहां तक पहुंचने को शहर की ओर लगते रास्ते तंग है। इस कारण जाम की दिक्कत रहने लगी है, वहीं अंडरपास से हल्के वाहन ही आ-जा सकते हैं। इसी कारण शहर से अधिकांश लोग चांदपुर आरओबी से सहारनपुर-कुरुक्षेत्र मार्ग आने-जाने पर मजबूर हैं।