यमुनानगर। शहर से लगते अन्य रेल फाटकों को बंद कर अंडरपास या आरओबी का काम हो चुका है या पूरा होने को है, पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की दिक्कत वाले पांसरा रेल फाटक पर न तो आरओबी और न ही अंडरपास बन पाया है। हालांकि यहां पांच साल से आरओबी या अंडरपास बनाने की योजना है, पर अभी तक इसका काम नहीं लगा है। इसका खामियाजा रोज लोग जाम के रूप में भुगत रहे हैं।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ियों के अलग ट्रैक) प्रोजेक्ट में रेल फाटक से रोड क्रॉसिंग बंद कर अंडरपास या आरओबी बनाए जा रहे हैं। इसी तरह मंडेबरी, जगाधरी वर्कशॉप, गांधीनगर और जमुना गली के रेल फाटकों को बंद कर अंडरपास बनाकर चालू किए गए।
ऐसे ही पुराना रादौर रोड रेल फाटक का रास्ता बंद कर आरओबी का काम चल रहा है, जो नए साल तक पूरा होने की उम्मीद है। अब शहर से लगता मुख्य पांसरा रेल फाटक ही रह गया है, जहां आरओबी-अंडरपास का काम लगना बाकी है।
इसमें देरी से अभी भी पांसरा रेल फाटक पर लोग सुबह से देर शाम तक ट्रैफिक जाम की समस्या झेल रहे हैं। इस बारे में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, अंबाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता का कहना है कि जल्द यह काम लगाने का प्रयास है।
फाटक बंद होने पर यह स्थिति
ट्रेन आने पर जैसे ही पांसरा रेल फाटक बंद होता है, वैसे ही फाटक के दोनों ओर थर्मल रोड व सहारनपुर रोड तक वाहनों की कतार लग जाती है। ट्रेन निकलने के बाद फाटक खुलने भी वाहन चालकों में एक दूसरे से पहले निकलने की होड़ रहती है, जिससे यहां ट्रैफिक जाम हो जाता है। इस तरह बार-बार लगने वाले ट्रैफिक जाम को खुलवाने के लिए मौके पर ट्रैफिक पुलिस भी नहीं होती।
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आरओबी-अंडरपास की योजना सुन रहे, पर नहीं लगा काम
सोनू शर्मा ने कहा कि पांसरा रेल फाटक बंद होते ही पांसरा गांव की ओर एसके (सहारनपुर-कुरुक्षेत्र) रोड और दूसरी ओर थर्मल-बाडी माजरा रोड तक वाहनों की कतार लग जाती है। इसके बाद फाटक खुलने पर भी करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है। इस बीच सुबह से देर शाम तक हजारों वाहन चालक जाम में फंस परेशान होते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पांच वर्षों से आरओबी-अंडरपास बनने की योजना सुन रहे हैं, पर अभी तक काम नहीं लगा, जबकि मामले को गंभीरता से लेकर यह काम जल्द होना चाहिए।
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आधे-पौने घंटे जाम में जाया, ओवरलोड वाहन बड़ी वजह
कृष्ण कुमार ने बताया कि रोज यहां से निकलना होता है, जिसमें जब भी फाटक बंद होता है तो करीब आधे-पौने घंटे ट्रैफिक जाम में जाया हो जाते हैं।
यहां होने वाले ट्रैफिक जाम की वजह लकड़, गन्ने की ओवरलोड ट्रक व ट्रैक्टर ट्रॉलियां भी हैं। इनमें क्षमता से ज्यादा सामान लोड होने से यहां सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त होती है और फिर वाहन पलटते हैं। कई बार फाटक के बीच रेल ट्रैक पर ऐसे ही वाहन पलट चुके हैं। इस संबंध में शिकायत कर मांग कर चुके हैं ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई हो। मंडोली मंडी के अलावा अन्य जगह अवैध रूप से हो रही लकड़ी की खरीद बंद हो।