यमुनानगर। दो माह बाद यमुनानगर डिपो की बस का संचालन पंजाब रूट पर पटियाला के लिए शुरू कर दिया गया है। वहीं अमृतसर रूट पर तीन दिन चलने के बाद बस सेवा फिलहाल बंद कर दी गई। कारण कि अपेक्षाकृत बस यात्रियों का रुझान कम था। विदित हो कि उक्त रूट पर शंभू बार्डर बंद होने से बसों को 40 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
किसान आंदोलन के चलते शंभू बॉर्डर सहित पंजाब के अन्य रास्ते बंद होने से 11 फरवरी से यमुनानगर डिपो की रोडवेज बसें पंजाब और जम्मू नहीं जा रही थीं। इससे पहले डिपो की बसें पंजाब में अमृतसर और पटियाला तथा जम्मू रूट पर चल रहीं थीं। ऐसे में यमुनानगर से पंजाब और जम्मू आने-जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। साथ ही जेब भी ढीली करनी पड़ रही थी। यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए यमुनानगर डिपो से पंजाब के अमृतसर और पटियाला रूटों पर जीरकपुर से गांवों के रास्ते बसें भेजी गईं। किंतु आने-जाने में बसों को 40-40 किमी. अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में अमृतसर के लिए बसों में यात्रियों का रुझान देखने को नहीं मिला। अधिकतर लोग अमृतसर जाने के लिए ट्रेनों का ही सहारा ले रहे हैं। दूसरी ओर पटियाला के लिए ट्रेनों के अभाव है। ऐसे में माना जा रहा है कि पटियाला रूट पर बसों का संचालन नियमित किया जाएगा। पटियाला के लिए यमुनानगर डिपो से चलने वाली बस का समय सुबह आठ बजे निर्धारित किया गया है।
शंभू बॉर्डर के बजाय जीरकपुर के रास्ते पंजाब के अमृतसर व पटियाला दोनों रूटों पर बसें चलाई गई। इसमें आने-जाने में 40-40 किमी. अतिरिक्त लग रहे हैं। अमृतसर रूट पर रूझान भी नहीं दिखा, इसलिए रूट पर बस नहीं भेजी जा रही। पटियाला रूट पर बस सेवा सुचारू रखने के प्रयास है।- भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।