यमुनानगर से ख्ाबर है कि बढ़ते घाटे को रोडवेज प्रशासन कर्मचारियों से रिकवरी कर कम करने में जुटा है। बीते कई माह से कर्मचारियों का वेतन रिकवरी होने के बाद ही उन्हें मिल रहा है। कर्मचारी इस बार भी रिकवरी को लेकर सहमे हुए हैं।
अभी तक केएमपीएल के नाम पर रोडवेज प्रशासन ड्राइवरों से लगभग 36 लाख रुपये रिकवरी के वसूल चुका है। एक-एक कर्मचारी से हजारों में रिकवरी हो रही है। इस माह रिकवरी के लिए 15 कर्मचारियों को नोटिस भी थमा दिया गया है और छह की लिस्ट जारी कर दी गई है। लेकिन इस माह रिकवरी को लेकर रोडवेज प्रशासन और रोडवेज यूनियन में टकराव की स्थिति बन रही है।
रोडवेज प्रशासन की ओर से जहां पहले की तरह की रिकवरी की तैयारी की गई है, वहीं रोडवेज यूनियन इस बार किसी भी हाल में रिकवरी को सहन न करने की बात कर रही है। यूनियन अधिकारी रोडवेज अधिकारियों को पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर इस बार रिकवरी होती है तो अगले ही दिन चक्का जाम किया जाएगा।
अगले दो दिन रहेंगे निर्णयक
रोडवेज प्रशासन की ओर से महीने की एक या दो तारीख को कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाता है। जो रिकवरी करनी होती है वह वेतन से काट ली जाती है। कर्मचारियों को नोटिस जारी होने के बाद ही रोडवेज यूनियन की ओर से चक्का जाम की रणनीति तैयार की जा चुकी है। यूनियन प्रधान कंवलजीत जोशी का कहना है कि अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों को नाजायज तंग किया जा रहा है। इस बारे में पहले कई बार अधिकारियों से बात हुई है, लेकिन रिकवरी बंद नहीं की जा रही है।
सालों पुरानी गाड़ी पर कैसे मिले केएमपीएल
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कस यूनियन प्रधान कंवलजीत जोशी ने बताया कि डिपो में कुछ गाड़ियां काफी पुरानी है। जोकि नई गाड़ियों की तरह केएमपीएल नहीं दे पाती। इसके साथ ही गाड़ी में सवारियों की संख्या निश्चित नहीं है। अगर रोडवेज अधिकारियों को केएमपीएल ही देखनी है तो पहले गाड़ियां नई लाई जाएं, इसके साथ ही सवारियों की संख्या भी निश्चित की जाए। क्योंकि 52 सीट की गाड़ी में कई बार 100 से 110 तक सवारियां होती हैं, ऐसे में ड्राइवर कहां से अधिकारियों के अनुसार केएमपीएल ला पाएगा।